सेक्टर-19 में पड़ोसियों द्वारा दो बच्चों की पिटाई करने के मामले में आखिरकार आठ महीने बाद पीड़ितों में इंसाफ की उम्मीद जगी।
आला अधिकारियों के आदेश के बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। आठ महीने के दौरान करीब 40 बार पुलिस के पास चक्कर लगाने के बाद कार्रवाई की ओर पुलिस का यह कदम बढ़ा है।
पड़ोसियों ने मामूली बात पर सत्यम नाम के बच्चे को इतना पीटा था कि वह घटना के महीनों बीतने के बाद भी नींद में मुझे मत मारो..., मुझे क्यों मार रहे हो... चिल्लाता है।
बच्चे का अब भी पीजीआई से उपचार चल रहा है। ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में ‘इंसाफ के लिए महीनों से थाने के चक्कर काट रहे परिजन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पुलिस की ढीली कार्रवाई से अफसरों को अवगत कराया था।
इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने पीड़ित बच्चे के पिता से इस मामले में उनके घर पर ही दोबारा बयान लेकर मामला दर्ज किया।
आंख ठीक होने में अभी और लगेगा समय
शुक्रवार को भी पीजीआई में सत्यम के आंखों की जांच करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि दाहिने आंख के ठीक होने में कुछ और वक्त लग सकता है।
मारपीट में बच्चे की पीठ में गुम चोट भी आई थीं, जिन्हें ठीक होने में अभी कुछ महीने और लग सकते हैं।
पूरा बयान दर्ज नहीं करने का आरोप
सेक्टर-19 निवासी पीड़ित पहवारी सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज आत्माराम ने उनके कहने के अनुसार पूरे बयान नहीं लिखे।
आत्माराम का कहना था कि ‘पुरानी डेट का हवाला मत दो और ये मत लिखवाओ कि हमसे ये शिकायत की कापी और एमएलआर गुम हो गई है’।
पहवारी ने बताया कि उन्होंने घटना के बाद अपनी पत्नी से फोन पर अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपी के खिलाफ भी शिकायत दी थी, लेकिन इस बारे में कोई पूछताछ नहीं की गई।
पुलिस को पहले ही आरोपी का मोबाइल नंबर भी दिया जा चुका है। पुलिस डेढ़ घंटे तक सिर्फ झगड़े की वजह पूछती रही।
इस मामले को लेकर मेरे पास कोई नहीं आया। इसी वजह से पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आत्माराम, चौकी इंचार्ज, सेक्टर-19