सरकारी दावा : 26.86 प्रतिशत डॉक्टर ही हड़ताल पर रहे
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि राज्य में केवल 26.86 फीसदी डॉक्टर ही हड़ताल में शामिल हुए। विभाग के अनुसार राज्य में कुल मेडिकल आफिसर और सीनियर मेडिकल आफिसर के 3466 पद हैं। इनमें से केवल 931 डॉक्टर हडताल पर रहे। भिवानी में 44, चरखी दादरी में 25, फतेहाबाद में 17, फरीदाबाद में 20, गुरुग्राम में 90, हिसार में 77, जींद में 37, झज्जर में 70, कैथल में 29, कुरुक्षेत्र में 8, करनाल में 59, महेंद्रगढ़ में 56, मेवात में 23, पलवल में 76, पंचकूला में 77, पानीपत में 22, रेवाड़ी में 85, रोहतक में 44, सोनीपत में 37, सिरसा में 10 और यमुनानगर में 25 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। वहीं, एसोसिएशन का दावा है कि विभाग ने यह डाटा डॉक्टरों की बायोमीट्रिक हाजिरी से उठाया है। ये डॉक्टरों की कलम छोड़ हड़ताल थी। साथ ही विभाग ने ओपीडी का डाटा साझा नहीं किया है।
अंबाला को छोड़कर हड़ताल पूरी तरह से सफल रही। अभी तक सरकार से बैठक का बुलावा नहीं मिला है। इसलिए शुक्रवार से पूर्ण और अनिशिचतकालीन हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। इसमें ओपीडी के साथ-साथ आपात सेवाओं को भी बंद किया जाएगा। डॉक्टर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। डॉ. राजेश ख्यालिया, राज्य प्रधान, एचसीएमएस।
विशेषज्ञ कैडर की मंजूरी मिल चुकी है। पीजी पॉलिसी को लेकर एसीएस ने अपनी स्वीकृति दे दी है। आगे की प्रक्रिया जारी है। एसएमओ की सीधी भर्ती और एसीपी को लेकर प्रक्रिया चल रही है। बुधवार को डॉक्टरों को बातचीत के लिए बुलाया था, परंतु डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए नहीं आया। देश में कोविड बढ़ रहा है, इसलिए डॉक्टरों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए। अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।
नर्सिंग कर्मचारियों ने स्थगित की हड़ताल, 15 दिन का अल्टीमेटम
नर्सिंग कर्मचारियों ने गुरुवार को दो घंटे की हड़ताल स्थगित कर दी है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरएस पूनिया के आश्वासन के बाद दोनों नर्सिंग एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की राज्य प्रधान विनीता बांगड़ और ऑल नर्सिंग आफिसर वेलफेयर एसोसिएशन की प्रधान निर्मला ढांडा ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर इस अवधि में उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो नर्सिंग कर्मचारी भी हड़ताल करेंगे। नर्सिंग कर्मचारी 7200 नर्सिंग अलाउंस और ग्रुप सी से ग्रुप बी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।