हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने के बाद एक और बड़ा कदम उठाया उठाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ने की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की मांग की है।
बीते कुछ वर्षों से इन दोनों उच्च पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने की मांग उठ रही है। इसे अब हरियाणा की बीजेपी शासित सरकार का भी समर्थन मिल गया है। सीएम मनोहर लाल के एमपी और एमएलए के चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू करने की मांग के बाद ये मुद्दा जोर पकड़ सकता है। हरियाणा में पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता पहले से लागू है। देश में यह एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं ।
प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव में पुरुषों के लिए 10वीं, महिलाओं के लिए आठवीं तथा दलित महिलाओं के लिए पांचवीं पास होने की योग्यता निर्धारित की हुई है। सरकार के इस फैसले के बाद देश में बहस छिड़ी और इस फैसले का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि विधायक और सांसद बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है, लेकिन पंचायत चुनाव में इसे लागू किया गया।