शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2024 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अगले साल से सरकारी स्कूल की सभी कक्षाओं में दाखिले से लेकर ट्रांसफर सर्टिफिकेट और रिजल्ट कार्ड भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। इसके लिए विभाग एनआईसी के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। इनमें से कुछ अप्रैल 2024 तक लागू हो सकते हैं।बता दें कि शिक्षा विभाग अगले वर्ष सभी कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। वर्तमान में एंट्री कक्षाओं की दाखिले की प्रक्रिया 26 दिसंबर से ऑनलाइन होने जा रही है लेकिन उसके लिए भी परिजनों को स्कूल में जाना होगा। विभाग धीरे-धीरे सभी कक्षाओं में दाखिले को ऑनलाइन करेगा। इसके लिए एनआईसी ने सॉफ्टवेयर बनाने का काम शुरू कर दिया है। परीक्षाओं में पास होने के बाद रिजल्ट कार्ड भी अगले साल से ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे।
विभाग की कोशिश है कि वर्तमान वर्ष के फाइनल परीक्षाओं के रिजल्ट कार्ड भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएं। इसे लेकर भी एनआईसी सॉफ्टवेयर पर काम चल रहा है। अप्रैल माह से ऑनलाइन ट्रांसफर सर्टिफिकेट और शिक्षकों के तबादले के लिए भी सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
वहीं, शिक्षा विभाग ई-डाक पोर्टल पर भी काम कर रहा है। इसको इसी महीने लाॅन्च करने की योजना है। ई-डाक पोर्टल से विभाग और स्कूलों के बीच संवाद की व्यवस्था मजबूत होगी। बता दें कि शिक्षा विभाग ने हाल ही में हुई समग्र शिक्षा की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को भी विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन करने की जानकारी दी थी। साथ ही यह भी बताया था कि यह व्यवस्थाएं कब लागू होंगी।
स्कूल नहीं बोल पाएंगे कि हमें नहीं मिली आदेश की कॉपी
ई-डाक व्यवस्था के लागू होने के बाद विभिन्न स्कूलों को जो चिट्ठियां मैनुअल तरीके से जाती थीं, वो बंद हो जाएंगी। विभाग की वेबसाइट पर ई-डाक का लिंक दिया जाएगा। सभी निजी व सरकारी स्कूलों का एक लॉगइन और पासवर्ड होगा, जिससे वेबसाइट से लॉगइन किया जा सकेगा। विभाग की ओर से भेजे गए आदेश व सर्कुलर इसी पर दिखाई देंगे। इससे कोई स्कूल अब यह नहीं बोल सकेगा कि उन्हें आदेश की कॉपी या जानकारी नहीं मिली। ऑनलाइन व्यवस्था से यह भी देखा जा सकेगा कि स्कूल के पास आदेश की कॉपी कब पहुंची है, उन्होंने आदेश को देखा भी या नहीं। साथ ही विभाग के पास आदेश व सर्कुलर का बैकअप भी होगा। इसके माध्यम से स्कूल आपस में भी संपर्क कर सकते हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग के निदेशक हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़ ने पंजाब में रहते हुए भी दो विभागों में इसे लागू कराया था। उन्होंने वर्ष 2012-13 में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और वर्ष 2019-20 में पंजाब मंडी बोर्ड में ई-डाक को लागू कराया था, जिससे विभाग के कार्यों में पारदर्शिता आने के साथ काफी लाभ मिला है।
ई-डाक पोर्टल को लॉन्च करने के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। लगभग काम पूरा हो चुका है। इस व्यवस्था के लागू होने से मानव संसाधन की बचत होगी। साथ ही शिक्षा विभाग की यह खुद की व्यवस्था होगी, जो ज्यादा सुरक्षित होगी।
-हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, निदेशक, शिक्षा विभाग