चंडीगढ़। शिक्षा विश्व को बदलने का सबसे शक्तिशाली हथियार है। आज महिलाएं फाइटर पायलट, कॉम्बैट ऑफिसर जैसी चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को निभा रही हैं। शिक्षक कहलाने पर गर्व है, क्योंकि यही भूमिका एक ईमानदार और चरित्रवान व्यक्ति के रूप में गढ़ने में सहायक बनी। शिक्षक मूर्तिकार की तरह है जो राष्ट्र के भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाता है। यह बात पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने सेक्टर-36 के एमसीएम कॉलेज में रविवार को वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान कही। बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए उन्होंने 819 ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रीतम पाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई।
कटारिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है कि शिक्षा को मूल्य व कौशल से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी की योग्यता समाज के लिए उपयोगी नहीं है तो उसका कोई महत्व नहीं है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से समाज व राष्ट्र के लिए ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया।
पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें विद्यार्थी और परिवर्तन की लहर पैदा करें : जस्टिस प्रीतम पाल
जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रीतम पाल ने कहा कि जब विद्यार्थी चुनौतियों से भरी इस दुनिया में कदम रखें तो पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और परिवर्तन की लहर पैदा करें। इस अवसर पर ‘विक्ट्री अगेंस्ट ड्रग एब्यूज (वाडा) क्लब’ की रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। डिग्रियों के वितरण के अलावा पीयू में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां प्रदान की गई व अन्य उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए गए। साथ ही, जिन संकाय सदस्यों ने इस सत्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की, उन्हें भी समारोह में सम्मानित किया गया।