हरियाणा की बोर्ड परीक्षाओं में आए दिन पेपर लीक और अंधाधुंध नकल से प्रदेश सरकार हिल गई है। विपक्ष के तीखे जुबानी हमले सहने के साथ ही जनता में हो रही फजीहत का भी सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले जितने बड़े दावे किए थे, सारे धराशायी हो चुके हैं। अफसरशाही को जवाब देना भारी पड़ रहा है। अब तक एक भी पेपर बिना लीक या नकल के संपन्न नहीं हुआ। जिसे देखते हुए अब स्कूल शिक्षा विभाग ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के परीक्षा केंद्र के भीतर स्मार्ट फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले लाने पर रोक लगा दी है।
परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले निरीक्षक को कड़ी स्क्रीनिंग से गुजरना होगा। प्रधान सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी डीसी, एसपी को निर्देश दिए हैं कि धारा 144 को और सख्ती से लागू किया जाए। जिससे यह आभास हो कि वास्तव में ही धारा 144 लगी है। परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। उन्हें नकल कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। डीसी, एसडीएम, डीईओ, डीईईओ के स्तर पर गठित उड़नदस्ते अधिक सक्रियता दिखाते हुए नकल पर पूरी तरक से रोक लगाएं।
महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा ने सभी जिलों के डीईओ और डीईईओ को नकल कराने में संलिप्त शिक्षकों पर कार्रवाई के अधिकार दे दिए हैं। रंग हाथों पकड़े जाने या नकल कराने का आरोप सिद्घ होने पर वे दोषी शिक्षकों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकेंगे। महानिदेशक ने नकल जैसे अनैतिक कार्र्यों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए उड़नदस्तों को अपनी भूमिका मुस्तैदी से निभाने को कहा है।
बोर्ड परीक्षाओं से उठ रहा विश्वास
पेपर लीक व संगठित नकल पर रोक लगाने में स्कूल शिक्षा विभाग व बोर्ड पूरी तरह विफल रहा है। इनमें प्रयोग ज्यादा और अनैतिक कार्यों पर रोक कम लगाई जा रही है। पेपर लीक व नकल की लगातार घटनाओं से जनता का विश्वास बोर्ड परीक्षाओं पर से उठने लगा है।
चूंकि, पूरे शैक्षणिक सत्र में शिक्षक, मेधावी विद्यार्थी जी जान लगाकर पढ़ाई करने और कराने में डटे रहते हैं, लेकिन परीक्षाओं के दौरान कुछ विद्यार्थी नकल के साथ ही पेपर लीक का सहारा लेेते हैं। नकल में शिक्षकों की संलिप्तता भी पाई जा रही है। जिसकी अनेक सूचनाएं विभाग के पास हैं, जिसे उच्च अधिकारियों ने काफी दुर्भाग्यपूर्ण माना है।
सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग भी नहीं आई काम
बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले 29 फरवरी 2020 को सीएम मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए दसवीं बारहवीं की परीक्षा सुगम और नकल मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन, हुआ उसके बिल्कुल विपरीत। असामाजिक तत्व सरकारी सिस्टम पर पूरी तरह से अब तक हावी रहे हैं और हर पेपर के दौरान जमकर नकल कराई जा रही है, साथ ही परीक्षा से पहले पेपर भी लीक हो रहे हैं।