हरियाणा में अंतर जिला तबादलों में भाग लेने वाले जेबीटी अब 22 जिलों का विकल्प भरने के लिए बाध्य नहीं है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने विकल्प भरने में लगाई यह अहम शर्त हटा दी है। विकल्प भरने के लिए पोर्टल को 2 से 5 अगस्त तक फिर से खोला गया है। अब मनमाफिक जिलों में जाने के लिए जेबीटी अपनी पसंद के जिला चुन सकेंगे। जिन शिक्षकों में पहले विकल्प भर दिए हैं, वे दोबारा से विकल्प भर सकते हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईईओ को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
पहले यह शर्त थी कि जेबीटी को सभी 22 जिलों का विकल्प भरना था, निदेशालय उस आधार पर जेबीटी को किसी भी जिले में भेज सकता था। नए आदेशों के तहत जेबीटी एक, तीन या अधिकतम जिले भर सकते हैं। इस संबंध में 23 जुलाई 2019 को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की मीटिंग मौलिक शिक्षा निदेशक महेश्वर शर्मा से हुई थी। जिसमें एसोसिएशन इस मांग पर अड़ी रही कि जेबीटी को यह अवसर दिया जाए कि वह चाहे एक जिला भरे या दो भरे या 22।
उसी के अनुसार उसका तबादला किया जाना चाहिए, टीचर को 22 जिले भरने के लिए मजबूर न किया जाए। इससे टीचर उन जिलों में जाने के लिए मजबूर हो जाएगा जहां वह जाना नहीं चाहता। एसोसिएशन ने यह भी मांग की थी कि यदि अध्यापक द्वारा भरा गया एक जिला उसको नहीं मिलता है तो उसको उसी जिले में रखा जाए जिस जिले में वह वर्तमान में कार्यरत है। एसोसिएशन के प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला सिसाय ने कहा कि सभी जेबीटी को निदेशालय के निर्णय से संतुष्टि मिलेगी। मेवात में सालों से फंसे दूसरे जिलों के जेबीटी अपने जिलों में आ सकेंगे। हजारों जेबीटी इस फैसले से लाभान्वित होंगे।