ईडी डायरेक्टर ने जोनल कोऑर्डिनेशन मजबूत करने के दिए निर्देश, चंडीगढ़ में बनेगी ईडी की अपनी बिल्डिंग
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। उत्तर भारत में आर्थिक अपराध पर नकेल कसने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब और सख्ती के मूड में है। खासकर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मुंबई जैसे संवेदनशील जोन में फॉरेन एक्सचेंज वॉयलेशन, क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों को लेकर ईडी ने निगरानी और कार्रवाई तेज करने की योजना बनाई है। इस दिशा में ईडी के डायरेक्टर ने चंडीगढ़ सहित संबंधित जोन को जोनल कोऑर्डिनेशन टीम मजबूत करने और लगातार ग्राउंड वर्किंग रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश हाल ही में श्रीनगर में 12-13 सितंबर को हुई ईडी की 32वीं तिमाही जोनल ऑफिसर्स मीटिंग में दिए गए। बैठक में चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की ओर से जॉइंट डायरेक्टर निशि चौधरी और राजीव सक्सेना शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ को भू-माफिया, हवाला, क्रिप्टो फ्रॉड और विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच को प्राथमिकता में रखने को कहा गया है।
चंडीगढ़ में बनेगा ईडी का अपना कार्यालय
बैठक के दौरान ईडी डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि 2025 से चंडीगढ़ में ईडी का खुद का कार्यालय भवन बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। वर्तमान में चंडीगढ़ में ईडी के दो जोनल ऑफिस कार्यरत हैं। एक टेलीफोन भवन से और दूसरा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पुराने दफ्तर से। बैठक में चंडीगढ़ जोन ने अपने स्थायी भवन को लेकर प्रेजेंटेशन दिया, जिसे स्वीकृति मिली है।
इन शहरों में भी बनेंगे ईडी ऑफिस
ईडी का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की योजना सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं है। जालंधर, देहरादून, शिलॉन्ग, कोच्चि और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी ईडी के नए ऑफिस बनाए जाएंगे। इस योजना का मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों में आर्थिक अपराधों की जांच और मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाना है।
चंडीगढ़ में केंद्रीय एजेंसियों को लगातार मिल रही है जमीन
चंडीगढ़ प्रशासन भी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक अपराधों से जुड़ी एजेंसियों को मजबूत आधार दे रहा है। पिछले वर्ष यूटी प्रशासन ने सेक्टर-38 वेस्ट में ईडी के लिए 1.72 एकड़ जमीन आवंटित की थी, जिसकी कीमत 59.13 करोड़ रुपये तय की गई थी। इसके अलावा एनआईए को 3 बीआरडी स्टेशन में 2.34 एकड़ जमीन, लद्दाख भवन को सेक्टर-33सी में जमीन (61.88 करोड़ मूल्य), सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) को सेक्टर-31 में 1.5 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
आने वाले समय में एक्शन होगा तेज
चंडीगढ़ जोन के लिए मिले निर्देशों के तहत आने वाले समय में ईडी की ओर से रियल एस्टेट, क्रिप्टोकरेंसी, हवाला लेनदेन और विदेशी निवेश में गड़बड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को जमीन से जुड़े मामलों, कंपनियों के टर्नओवर और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। साथ ही दिल्ली, मुंबई और अन्य मेट्रो शहरों से जुड़ने वाले रूट्स और लिंक को भी एनालाइज किया जा रहा है ताकि अपराध की पूरी चेन तक पहुंचा जा सके।