पंचकूला के रत्तेवाली गांव में अवैध खनन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा, चंडीगढ़ और झारखंड के आठ स्थानों पर छापे मारे। छानबीन के दौरान ईडी को करीब दो करोड़ 12 लाख रुपये नकद और चल-अचल संपत्तियों के कागजात व बैंक लॉकर मिले हैं। ईडी ने मौके से मिला कैश, डिजिटल उपकरण और संपत्तियों के कागजात को जब्त कर लिया है।
ईडी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने पंचकूला के रत्तेवाली में अवैध खनन के मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर पर ईडी ने जांच शुरू की तो पता चला कि तिरुपति रोडवेज ने तय सीमा से बाहर जाकर रेत व बजरी का अवैध खनन किया। इससे हरियाणा सरकार को करीब 35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद ईडी ने गुरप्रीत सिंह सभ्भरवाल, लखमीर सिंह सभ्भरवाल, प्रदीप गोयल, मोहित गोयल व अन्य ठिकानों पर छापे मारे। जांच के दौरान पता चला कि अवैध खनन से उत्पन्न आय को आरोपियों ने चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया। ईडी के हाथ कई संपत्तियों के कागजात लगे हैं। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है।
नौ जनवरी को ईडी ने इस मामले में पंचकूला, यमुनानगर, चंडीगढ़ और झारखंड में छापे मारे थे। इन जगहों पर ईडी के अधिकारी 11 घंटे से ज्यादा समय तक रुके और सघन तलाशी अभियान चलाया। पंचकूला में यह छापे सेक्टर चार और रत्तेवाली में मारे गए। उल्लेखनीय है कि बीते हफ्ते ईडी ने हरियाणा के यमुनानगर व सोनीपत समेत आधा दर्जन शहरों में अवैध खनन मामले में दबिश दी थी। इस मामले में ईडी ने इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह राठी को गिरफ्तार किया था।