नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को प्लाट दोबारा आवंटित करने के मामले में ईडी ने दो लोगों से पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा से पूछताछ की गई है। बता दें कि मामले में सीबीआई ने हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। उसके बाद कई अफसरों और नेताओं की मुश्किलें बढ़ गईं।
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यह प्लाट संख्या 17 पंचकूला के सेक्टर-6 में प्रमुख स्थान पर है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की जांच के आधार पर खट्टर सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने प्लाट का एक बार आवंटन रद्द होने के बाद दोबारा आवंटन करने को नियमों के खिलाफ बताया था। ब्यूरो ने इसमें बड़े घोटाले की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की थी।
विजिलेंस विभाग के उप सचिव मदन लाल की शिकायत पर सीबीआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र हुड्डा, हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक, तत्कालीन हुडा प्रशासक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के वित्तायुक्त और एजेएल के पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, शक्तियों का दुरुपयोग व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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बता दें कि जनवरी 2016 में विजिलेंस ब्यूरो से घोटाले का रिकार्ड हासिल करके सीबीआई ने अपनी जांच शुरू की थी।सीबीआई ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा। इसमें कई मौजूदा और पूर्व अधिकारी भी शामिल रहे। हरियाणा सरकार ने पिछले साल 19 दिसंबर को यह मामला जांच के लिए सीबीआई के हवाले किया था।
जनवरी महीने की शुरुआत में सीबीआई ने इस केस से संबंधित सारा रिकार्ड विजिलेंस से लेकर अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। सीबीआई ने अब जांच को आगे बढ़ाते हुए मामले में आरोपी बनाए गए सभी अधिकारियों को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कहा था।