पंजाब कांग्रेस के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर को ईडी के समन के बाद आप ने कैप्टन से इस्तीफा मांगा। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कहा है कि रणइंदर सिंह को एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट के समन के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, ईडी के सम्मन पर बिक्रम मजीठिया का इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस को कैप्टन को हटाना चाहिए।
खैरा ने कहा कि आयकर अधिकारियों की ओर से ध्यान में लाने के बाद फेमा के उल्लंघन में ईडी ने रणइंदर को 16 जून को तलब किया है। ब्रिटिश वर्जिन आयरलैंड में ट्रस्टों की मालकियत संबंधी गलत जानकारी देने के कारण आयकर विभाग ने रणइंदर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। विभाग को पता चला है कि रणइंदर जकरांदा ट्रस्ट में दानकर्ता, मुलावला होल्डिंग्स लिमिटेड, लिमलोक इंटरनेशनल लिमिटेड और आलवर्थ वेंचर होल्डिंग लिमिटेड के मालिक थे। ब्रिटिश वर्जिन अधिकारियों ने विभाग को सूचित किया है कि इन व्यापारिक संस्थानों केपास एसएसबीसी बैंक जेनेवा के खातों समेत बड़ी संपत्ति, यूके व दुबई में जायदाद हैं।
यह लेन-देन की प्रक्रिया 2005 में शुरू हुई, जबकि कैप्टन सीएम थे। खैरा ने कहा कि ईडी की कार्रवाई को सियासी बदला बताने की बातें झूठ हैं क्योंकि कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई 2011 में यूपीए सरकार के समय ही शुरू हो चुकी थी। उन्होंने चुनौती दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करे। जब बिक्रम मजीठिया को ईडी ने समन दिए थे तो कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। अब वह दोहरे मापदंड क्यों अपना रही है।