ईडी जोनल की संयुक्त टीम ने हिमाचल प्रदेश छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में मोहाली में स्थित लगभग 500 वर्ग गज भूमि और मेसर्स आईटीएफटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमन शर्मा के नाम पर पंजीकृत जमीन को अंतिम तौर पर कुर्क कर दिया है।
मेसर्स आईटीएफटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड न्यू चंडीगढ़ स्थित आईटीएफटी एजुकेशन ग्रुप चला रहा था। अमन शर्मा और उनके पिता गुलशन शर्मा मेसर्स आईटीएफटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड में एकमात्र निदेशक थे।
आईटीएफटी एजुकेशन ग्रुप, न्यू चंडीगढ़ ने हिमाचल प्रदेश के एससी/एसटी/ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए दावा किया था।
मामले में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी ली गई और इस दौरान आपत्तिजनक सामग्री, करीब 80 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई और विभिन्न बैंक खातों में पड़े 2.80 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए। इसके अलावा 29 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की के लिए पहले ही अंतिम कुर्की आदेश भी जारी किए जा चुके है। इस मामले में चल और अचल संपत्तियों की कुल अंतिम कुर्की अब करीब 30.5 करोड़ रुपये है। इस मामले में शिक्षण संस्थान संचालक गुलशन शर्मा को ईडी पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 30 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर चुकी है और वह अभी न्यायिक हिरासत में है।