सीबीआई की ओर से इस मामले की जांच करने के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित चार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत 120-बी, 201, 204, 409, 420, 467, 468, 471, 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच में यह तथ्य आए हैं सामने
जांच में पता चला है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के पदेन अध्यक्ष रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और चार सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने गलत तरीके से भूखंडों का आवंटन किया था। चार सेवानिवृत्त अधिकारी धर्मपाल सिंह नागल (पूर्व मुख्य प्रशासक, हुडा), सुरजीत सिंह (पूर्व प्रशासक, हुडा), सुभाष चंद्र कंसल (हुडा के पूर्व मुख्य वित्त नियंत्रक) और नरेंद्र सिंह सोलंकी (हुडा के फरीदाबाद के पूर्व जोनल प्रशासक) हैं।
ईडी की जांच में पता चला कि भूखंडों को आवंटन के लिए निर्धारित मूल्य को सर्कल दर से पांच गुना और बाजार दर से सात से आठ गुना कम रखा गया था। सीबीआई ने जांच में पाया कि आवेदन की अंतिम तिथि के 18 दिन बाद आवंटन के लिए मापदंड बदल दिए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने आगे कहा कि पूरी प्रक्रिया में हेरफेर किया गया है।