पंजाब से लेकर कनाडा तक भोला-मजीठिया ड्रग रैकेट की जांच करने वाले ईडी के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर गिरीश बाली को सौंपा गया है। हालांकि इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिली है।
ईडी के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने इस्तीफा देने की पुष्टि की, लेकिन और कुछ भी कहने से इंकार किया। निरंजन सिंह विभाग की कारगुजारी से नाराज चल रहे थे। उन्होंने हाईकोर्ट में बयान भी दिया था कि विभाग के आला अधिकारी उन्हें मुअत्तल करने की धमकी देते हैं। हालांकि इस्तीफे में लिखा गया है कि वह निजी कारण से इस्तीफा दे रहे हैं। विभाग को तीन महीने के भीतर इस्तीफे पर फैसला करना है।
निरंजन सिंह ने जब से भोला ड्रग रैकेट की जांच शुरू की थी, तभी से उनका नाता विवादों से जुड़ गया। भोला ड्रग रैकेट मामले में उन्होंने तत्कालीन मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। निरंजन सिंह ने पिछले सप्ताह मोहाली की अदालत में कहा था कि मजीठिया ने पूछताछ के दौरान उन्हें पूरा सहयोग नहीं दिया था। जिस दौरान अदालत में काफी बहस हुई थी कि अगर सहयोग नहीं दिया गया तो क्या इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई थी और क्या इसके बाद आगे सख्त कदम उठाए गए थे।
पूर्व डीएसपी जगदीश भोला के खिलाफ जांच शुरू करने के बाद जब आंच मजीठिया तक पहुंची तो 2015 की शुरुआत में निरंजन सिंह का तबादला जालंधर से कोलकाता कर दिया गया था। उनके तबादले का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचने पर अदालत ने उनके तबादले पर रोक लगा दी थी। साथ ही भोला ड्रग्स केस के जांच अधिकारी के तौर पर भी उन्हें बरकरार रखने के आदेश दिए गए थे।
2016 में निरंजन सिंह इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के डिप्टी डायरेक्टर पदोन्नत हुए थे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक निरंजन सिंह पर काफी प्रेशर था, एक तरफ अदालत में जवाब तलबी हो रही थी तो दूसरी तरफ अधिकारी दबाव डाल रहे थे। अभी निरंजन सिंह का तीन साल का कार्यकाल बाकी था।