पंजाब कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के करीबी सहयोगी राजदीप सिंह नागरा को प्रवर्तन निदेशालय ने टेंडर घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद ईडी ने राजदीप सिंह को जज धर्मेंद्र पाल सिंगल की कोर्ट में पेश किया।
कांग्रेस सरकार के समय पंजाब में दो हजार करोड़ के ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में फंसे पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के बाद अब ईडी ने उनके करीबी कांग्रेसी नेता राजदीप सिंह को बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार किए गए राजदीप सिंह को ईडी ने वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धरमिंदर पाल सिंगला की अदालत में पेश किया। ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट से राजदीप का सोमवार तक रिमांड हासिल कर लिया है। हालांकि ईडी की ओर से सात दिन के रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने 5 दिन का रिमांड दिया है।
वहीं, दूसरी तरफ भारत भूषण आशु की भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेशी करवाई गई। कोर्ट ने आशु की न्यायिक हिरासत 19 तक बढ़ाई है। बता दें कि बुधवार की सुबह चार बजे से ही राजदीप सिंह के ठिकानों पर रेड चल रही थी। राजदीप सिंह खन्ना में आढ़ती है व रेड के दौरान राजदीप सिंह के ठिकानों से ईडी को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने राजदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद राजदीप सिंह को अदालत में पेश किया गया व कोर्ट ने पांच दिन का रिमांड दे दिया है।
आशु पंजाब के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं। वे लुधियाना (पश्चिम) के विधायक रहे हैं। पंजाब खाद्य विभाग में टेंडर घोटाले के संबंध में पंजाब सतर्कता ब्यूरो की एफआईआर से धन शोधन की जांच शुरू हुई जिसके बाद आशू को अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
बुधवार तड़के ही खन्ना में कांग्रेसी नेता एवं आढ़ती राजदीप सिंह के घर के अलावा उनके कारोबार के ठिकानों पर ईडी ने दस्तक दी। खन्ना के सिटी सेंटर में भी ईडी की एक टीम पहुंची। वहां दो कार्यालयों में रिकॉर्ड चेक किया गया। बताया जा रहा है कि राजदीप सिंह की आय से ज्यादा संपत्ति की भी जांच हो रही है।
जानना जरूरी है कि सिटी सेंटर पूर्व मंत्री करम सिंह गिल के बेटे एवं समराला से कांग्रेस के हलका इंचार्ज रुपिंदर सिंह राजा गिल का है। वहीं राजदीप सिंह के घर तथा ठिकानों पर रेड के बाद सियासत भी गरमा सकती है। आने वाले दिनों में विरोधी दल कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। यह भी वर्णनीय है कि कुछ साल पहले खन्ना के बाहोमाजरा में पकड़ी नकली शराब फैक्टरी केस में भी राजदीप सिंह विवादों में घिरा था। विरोधियों ने राजदीप के खिलाफ केस दर्ज कर सीबीआई की जांच की मांग की थी। अब ईडी की रेड के साथ शराब फैक्टरी केस भी गरमा सकता है।