चंडीगढ़। पालक और टमाटर खाने से पथरी होता है, यह अवधारणा बदल दीजिए। क्योंकि अब तक के किसी भी शोध में इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि ये चीजें पथरी का कारण बन सकती हैं। जहां तक पालक और टमाटर की बात है तो ऐसा माना जाता है कि पत्तेदार और बीज वाली चीजों के सेवन से पथरी होने का खतरा हो सकता है लेकिन इस तथ्य पर विश्वास करने से पहले हमें यह भी सोचना होगा कि गेहूं और चावल भी बीज हैं। इसका सेवन हम बहुतायत करते हैं। यह जानकारी पीजीआई यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफ़ेसर उत्तम मेटे ने शनिवार को यूरोलिथियासिस सेक्शन के पहले वार्षिक सम्मेलन में दी।
उन्होंने बताया कि किडनी की पथरी से बचने के लिए अपने खान-पान और जीवन चर्या में संतुलन बनाना होगा। ज्यादा नमक का सेवन इसका कारण बन सकता है क्योंकि नमक में पाया जाने वाला सोडियम हमारे कैल्शियम को नुकसान पहुंचाता है, जो किडनी में एकत्रित होकर पथरी का रूप ले सकता है इसलिए इस मर्ज से बचने के लिए नमक कम खाएं, पानी ज्यादा पीएं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शरीर के कुल वजन के हिसाब से 20 किलो पर एक लीटर पानी की मात्रा आवश्यक है। पानी पीने से ज्यादा ध्यान इस बात पर देना जरूरी है कि किस अनुपात में यूरिन शरीर से बाहर निकल रहा है।
पथरी का इलाज बीयर से नहीं होता
सम्मेलन में मौजूद पीजीआई यूरोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. एसके शर्मा ने बताया कि आमतौर पर ऐसी अवधारणा है कि ज्यादा बीयर पीने से किडनी की पथरी को बिना इलाज के बाहर निकाला जा सकता है लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। बीयर का किडनी की पथरी के इलाज से कोई लेना देना नहीं है। इस मर्ज से बचाव के लिए हमें गर्म जगह पर जाते वक्त ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीने की आदत का पालन करना होगा क्योंकि पानी की कमी किडनी में पथरी का कारण बन सकता है। वहीं प्रोटीन की ज्यादा मात्रा भी इसके लिए जिम्मेदार बन सकती है। कार्यक्रम में मौजूद डॉ. एसके पाल व डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि खासतौर पर जिम कल्चर का पालन करने वाले युवाओं को समझना होगा कि उनके शरीर में हाई प्रोटीन की मात्रा उन्हें किडनी की पथरी का मरीज बना सकती है।
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उत्तर पश्चिमी क्षेत्र स्टोन बेल्ट
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि आमतौर पर गर्मी का इस मर्ज से इतना ज्यादा संबंध है कि देश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र को स्टोन बेल्ट के नाम से जाना जाता है। सबसे ज्यादा मरीज इसी क्षेत्र से आते हैं क्योंकि ये क्षेत्र सामान्य तौर पर देश के अन्य भागों से ज्यादा गर्म होते हैं। डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि भारत के यूरोलॉजिस्ट को विश्व में श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि वे बड़ी आसानी से इससे जुड़े मर्ज का इलाज कर रहे हैं।