रोहतक में बुधवार दोपहर 12:58:13 बजे हल्का भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के पास रोहतक शहर से 15 किलोमीटर दूर अटायल और गांधरा गांव के बीच रहा। हलचल जमीन से मात्र 2.1 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई, जिस कारण कुछ लोगों को यह भूकंप महसूस भी हुआ। रोहतक से गुजर रही महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के नजदीक लगातार आ रहे भूकंपों पर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की भी सीधी नजर है।
रोहतक आपदा प्रबंधक के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया कि रोहतक जोन तीन और चार में आता है और महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन (जमीन के नीचे दरारें) इसके नीचे से गुजरती है, जो कुछ दिनों से एक्टिव है। भूकंप की कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। पहली बार इस क्षेत्र में लगातार इतने भूकंप आ रहे हैं।
ऐसे में इन संभावनाओं से भी मना नहीं किया जा सकता कि यह किसी बड़े भूकंप का संकेत है, लेकिन कहा नहीं जा सकता कि भूकंप कब आएगा और कितनी तीव्रता होगी। यह भी हो सकता है कि हल्के भूकंपों के बाद फॉल्ट लाइन अनएक्टिव हो जाए और फिर लंबे समय तक कोई भी भूकंप न आए। दिल्ली एनसीआर में आने वाली इस एक्टिव फॉल्ट लाइन पर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की भी नजर है, जो इसके अध्ययन में लगे हुए है।
दिनांक---स्थान----भूकंप की तीव्रता
28 मई---फरीदाबाद----- 2.8
29 मई----- रोहतक------- 4.5 और 2.9
1 जून------- रोहतक------ 1.8 और 3.0
3 जून------ फरीदाबाद ------3.0
7 जून------- रोहतक--------- 1.8
8 जून------- रोहतक---------- 2.1
18 जून------ रोहतक---------- 2.1
19 जून------- रोहतक--------- 2.3
20 जून------- रोहतक ---------1.8
24 जून--------रोहतक-------- 2.8
गहन अध्ययन को रोहतक में लगे दो और भूकंप-सूचक यंत्र
इन भूकंपों का बारीकी से निरीक्षण करने व इन पर गहन अध्ययन के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की तरफ से रोहतक में दो और भूकंप-सूचक यंत्र लगाए गए है। आपदा प्रबंधक के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया कि भूकंप सूचक यंत्र लगा दिए गए है।
इनसे पहले रोहतक के बैंसी गांव में एक यंत्र लगा हुआ है। भविष्य में इनकी संख्या और अधिक बढ़ाने की योजना है। गौरतलब है कि 28 मई से लेकर अब तक प्रदेश में 12 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके है, जिनमें 10 बार भूकंप का केंद्र रोहतक रहा है।
प्रदेश में नो जगहों पर लगे हैं भूकंप-सूचक यंत्र
प्रदेश में फिलहाल नो जगहों पर भूकंप सूचक यंत्र लगे हुए हैं। जिनमें से सात भूकंप विज्ञान के अनुसार जोन चार में व दो जोन तीन में लगे हैं। आठ यंत्र तो दिल्ली एनसीआर में ही हैं। रोहतक, पटौदी, कुरुक्षेत्र, कूंडल(रेवाड़ी), सोहना, झज्जर, बहादुरगढ़, पलवल और गन्नौर में भूकंप-सूचक यंत्र लगे हुए हैं।