नेपाल, यूपी और बिहार के साथ-साथ मंगलवार को चंडीगढ़ में भी भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग के मुताबिक, भूकंप का सबसे तेज झटका 12 बजकर 35 मिनट पर महसूस किया गया।
चंडीगढ़ में इसकी तीव्रता चार से पांच रिक्टर के बीच थी। गनीमत यह रही कि यहां किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले 25 अप्रैल को भी चंडीगढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
वहीं, पीयू के भू विज्ञान डिपार्टमेंट के पूर्व अध्यक्ष अरुण आहलुवालिया ने बताया कि मंगलवार दोपहर को लगातार तीन झटके महसूस किए गए। पहले दो तो काफी हलके थे, लेकिन तीसरा झटका काफी ज्यादा था। घर में रखी प्लास्टिक की कुर्सी काफी तेज से हिल रही थी।
पीजीआई के रिसर्च ब्लॉक में अफरातफरी
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दफ्तरों और घरों से बाहर निकलने लगे। पीजीआई के रिसर्च ब्लॉक ए से भी लोग बाहर निकल आए। इसी तरह से कैरो ब्लॉक में भी दहशत दिखी। ब्लॉक के कर्मचारियों ने बताया कि पहले तो लोग समझ नहीं पाए, लेकिन जब किसी ने बताया कि सच में भूकंप के झटके आए थे तो लोग बाहर भागने लगे।
पुलिस हेडक्वार्टर में भी हड़कंप
भूकंप के झटकों से पुलिस हेडक्वार्टर में भी हड़कंप मच गया। झटके महसूस होते ही सभी कर्मचारी बाहर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेडक्वार्टर के अंदर अचानक पंखे हिलने लगे। यही देखकर हड़कंप मचा और लोग बाहर निकलने लगे।
सचेत कर रहे ये झटके
पीयू के भू विज्ञान डिपार्टमेंट के पूर्व अध्यक्ष अरुण आहलुवालिया ने बताया कि चंडीगढ़-पिंजौर फाल्ट काफी एक्टिव है। इस फाल्ट पर वर्षों पहले भूकंप आया था और अब 15 दिन के भीतर फिर झटके आ गए।
हालांकि, इससे बड़ी चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ की बिल्डिंग जापानी स्टैंडर्ड की होनी चाहिए। इसके लिए डिस्ट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन को काम करना होगा, जनचेतना फैलानी होगी। लेकिन, चिंता की बात यह है कि जिला स्तर पर कोई भू वैज्ञानिक भी नहीं है।
कोट
चंडीगढ़ में आए भूकंप की तीव्रता चार से पांच रिक्टर स्केल का रहा होगा। इतनी तीव्रता में कोई नुकसान नहीं होता है।
- डा. सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर, मौसम विभाग