पीयू में विद्यार्थी लंबे समय से लाइब्रेरी के संसाधनों को डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे। इसके साथ कई प्रोफेसरों की भी मांग थी कि विद्यार्थियों के लिए सभी लेक्चर इत्यादि रिकार्डेड माध्यम में एक ही जगह पर उपलब्ध होने चाहिए, जिससे वे आसानी से पढ़ाई कर सकें।
चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब घर बैठे लाइब्रेरी की सुविधा मिल सकेगी। पीयू कुलपति प्रो. राजकुमार ने शुक्रवार को ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। पीयू में विद्यार्थी लंबे समय से लाइब्रेरी के संसाधनों को डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे। इसके साथ कई प्रोफेसरों की भी मांग थी कि विद्यार्थियों के लिए सभी लेक्चर इत्यादि रिकार्डेड माध्यम में एक ही जगह पर उपलब्ध होने चाहिए, जिससे वे आसानी से पढ़ाई कर सकें।
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पंजाब विश्वविद्यालय ने शुक्रवार से सभी पंजीकृत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ई-लाइब्रेरी की सेवाएं शुरू कर दीं। पीयू कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि विद्यार्थी, शोधकर्ता और शिक्षक अब एक जगह बैठकर ऑनलाइन 15000 से ज्यादा ई-जर्नल, ई-किताबें और अन्य सांख्यिकी का उपयोग कर सकते हैं।
वर्तमान महामारी के समय में पंजाब विश्वविद्यालय के लिए यह एक अच्छी उपलब्धि है। ई-संसाधन समिति के अध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक डॉ. जगत भूषण ने कुलपति का आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन के कारण पुस्तकालय इस उपलब्धि को हासिल करने में सक्षम बना। उन्होंने उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा प्रदान करने के लिए पीयू लाइब्रेरी की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन डॉ. जीवेश बंसल ने पीयू ई-लाइब्रेरी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि यह सुविधा चंडीगढ़ और सभी क्षेत्रीय केंद्रों के साथ-साथ सभी संबद्ध कॉलेजों के संकाय के साथ पंजाब विश्वविद्यालय के सभी पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को प्रदान की जाएगी।
पीयू ई-लाइब्रेरी एक समृद्ध कंटेंट प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से सभी सब्सक्राइब किए गए ई-संसाधन, ई-शोध संधु, वेब-ओपीएसी, इंस्टीट्यूशनल कंटेंट को पीयू के सभी पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को प्रदान किया जाएगा। ई-लाइब्रेरी सभी लाइब्रेरी कलेक्शन, ओपन एक्सेस रिसोर्सेस, मल्टीमीडिया लर्निंग कंटेंट और इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट रिपॉजिटरी को एक मंच पर एकत्रित करेगा। इस सुविधा को किसी भी डिवाइस लैपटॉप या मोबाइल पर कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है।
इसके अंतर्गत एक ई-मोबाइल एप एम-लाइब्रेरी भी शुरू की गई है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए ई-पुस्तक संग्रह, ई-कोर्स सामग्री, नवीनतम जर्नल और मल्टीमीडिया सामग्री उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए उपयोगकर्ता को लाइब्रेरी की ओर से लॉगिन उपलब्ध करवाया जाएगा, जिसके माध्यम से वह ई-लाइब्रेरी के सभी लाभ ले सकेगा। ई-लाइब्रेरी के अंतर्गत 2500 से अधिक किताबें और 15000 से अधिक ई-जर्नल के साथ विद्यार्थियों को शिक्षकों की ओर से रिकॉर्ड किए सभी ऑडियो-वीडियो लेक्चर और नोट्स भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसका उद्देश्य वर्तमान महामारी के समय में ऑनलाइन पढ़ाई को विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आसान बनाना था।
एनएसयूआई ने पीयू प्रशासन का जताया आभार
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि हम यूनिवर्सिटी की तरफ से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए डिजिटल मंच प्रदान करवाने के लिए आभारी हैं। ई-लाइब्रेरी शुरू करवाने के लिए हमने कुलपति को कई बार पत्र लिखे थे, क्योंकि यूनिवर्सिटी बंद होने के कारण और ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को किताबों के अभाव में असाइनमेंट बनाने में मुश्किल आ रही थी। हर विद्यार्थी सेमेस्टर के लिए बाजार से किताबें नहीं खरीद सकता, क्योंकि कई किताबों की कीमत बहुत ज्यादा होती है।