कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने स्थानीय निकाय विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी है। सिद्धू का दावा है कि ई-गवर्नेंस लागू करके वह इस विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे। ज्यादातर सेवाओं के लिए आम लोगों और निकाय मुलाजिमों के बीच संपर्क खत्म कर दिया जाएगा। लोग घर बैठे इंटरनेट के जरिए सेवाएं लेंगे और भुगतान करेंगे।
सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अब तक वह विभाग के अलग-अलग विंग के अधिकारियों के साथ करीब 20 बैठकें कर चुके हैं। जिनमें उन्होंने अपनी 14 टॉप प्रायॉरिटी तय की हैं। पूरी तरह विभाग का कायाकल्प करने के लिए वह निचले स्तर तक कामकाज को स्टडी कर रहे हैं।
जल्द ही वह 51 प्वाइंट का एजेंडा सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंपेंगे। सिद्धू ने कहा कि पहली प्राथमिकता ई-गवर्नेंस को लागू करना है, इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके बाद 90 फीसदी भ्रष्टाचार खुद खत्म हो जाएगा। लोगों को टाउन प्लानिंग विभाग में नक्शे पास करवाने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। डेथ और बर्थ सर्टिफिकेट, विभिन्न लाइसेंस लोगों को एक क्लिक पर मिलेंगे।
प्रॉपर्टी का खसरा नंबर रिकार्ड में है, लेकिन उसका मास्टर प्लान इंटरनेट पर नहीं होता। पटवारी किसी जमीन को बताता है कि वह खेती योग्य है, लेकिन वहां पर कॉलोनी बनी होती है। नगर निगम लिमिट में जितनी भी प्रॉपर्टी हैं, उनका रिकॉर्ड खसरा नंबर सहित तैयार किया जाएगा। ई-गवर्नेंस लागू करके सारा रिकॉर्ड इंटरनेट पर डाला जाएगा। सिद्धू ने कहा कि कैप्टन सरकार ने ‘लोगों की सरकार, लोगों के द्वार’ प्रोग्राम शुरू किया है। इसलिए सभी योजनाएं इस तरह बनाई जाएंगी कि लोगों की परेशानियों को कम किया जा सके।
ये सेवाएं लेने में होगा फायदा
बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट, बिल्डिंग प्लान की अप्रूवल, विभिन्न लाइसेंस, चेंज ऑफ लैंड यूज, प्रॉपर्टी टैक्स, पानी और सीवरेज के बिल।