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दशहरा विशेष: देखिए, देश का सबसे ऊंचा रावण

Fri, 03 Oct 2014 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(बराड़ा)
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आज दशहरा है। क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे ऊंचा रावण कहां पर जलेगा। इसकी ऊंचाई कितनी होगी? हम आप की जिज्ञासा शांत करते हैं।
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देश के सबसे ऊंचे करीब 200 फुट के रावण का दहन आज हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा कस्बे में होगा। ऊंचाई के कारण इस रावण को लिम्का बुक ऑफ रिकाडर्स में जगह दी गई है। पिछले साल बराड़ा में 165 फुट का रावण जला था।

बराड़ा कस्बे के श्रीरामलीला मैदान में दो सौ फुट के रावण के इस पुतले को बनाने में करीब चार माह का समय लगा है।

कुतुबमीनार की ऊंचाई 237 फुट है, उस हिसाब से इस रावण की ऊंचाई उससे कुछ फुट ही कम है। रावण के इस पुतले को दो बड़ी क्रेनों की मदद से खड़ा किया है।

दशहरे पर श्रीराम चंद्र इस पुतले को रिमोट कंट्रोल से आग लगाकर इसका दहन करेंगे। इस रावण को देखने अंबाला समेत दूसरे शहरों से भी काफी संख्या में लोग बराड़ा पहुंचेंगे। जिसे लेकर पुलिस भी चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था करने में जुटी हुई है।
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बीस लाख में तैयार हुआ रावण का पुतला

श्रीरामलीला क्लब बराड़ा के संस्थापक एवं प्रधान तेजिंद्र सिंह चौहान के अनुसार दो सौ फुट के रावण के इस पुतले को बनाने में करीब चार माह का समय लगा है। इस पुतले को बनाने में 20 लाख रुपये का खर्च आया है।

उन्होंने बताया कि इस विशाल पुतले का भार 60 क्विंटल से भी अधिक है। इस पुतले के निर्माण में लोहे के पाइप, एंगल, बांस, कागज, टाट तथा कपड़े व फाइबर आदि का प्रयोग किया गया है। इस पुतले के साथ साठ फीट के मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले व लंका भी बनाई गई है। दशहरे पर श्रीराम चंद्र इस पुतले को रिमोट कंट्रोल से आग लगाकर इसका दहन करेंगे।
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कॉमनवेल्थ की तर्ज पर होगी आतिशबाजी

बराड़ा में कॉमनवेल्थ खेलों की तर्ज पर बराड़ा के श्रीरामलीला मैदान में दशहरे पर आतिशबाजी का इंतजाम भी किया गया है। देश के सबसे ऊंचे इस रावण दहन के दौरान दर्शकों को आतिशबाजी का जो नजारा देखने को मिलेगा, वो भी शानदार होगा।

आतिशबाजी को रिमोट से जोड़ा जा रहा है आतिशबाजी की सेटिंग इस कदर की गई है कि काफी देर तक पूरा आसमान रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाता रहेगा।

अध्यक्ष तेजिंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि इस बार आतिशबाजी में कुछ नए प्रयोग किए जा रहे हैं। यहां ऐसी आतिशबाजी होगी, जैसी आतिशबाजी बड़ेा खेल आयोजन जैसे कॉमनवेल्थ या एशियन खेलों में की जाती है। उनके अनुसार पांच दिन के कल्चर कार्यक्रमों और रावण दहन के दौरान करीबन चालीस लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
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