चंडीगढ़ के सीवरेज से दूषित हो रही घग्गर नदी के मामले में शुक्रवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में चंडीगढ़ के पर्यावरण विभाग ने अपना पक्ष रखा। नदी को दूषित होने से बचाने के लिए अभी तक किए गए कार्यों की समीक्षा के बाद एनजीटी ने सीडीजी को एसटीपी अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा की ओर से भी अधिकारी पेश हुए।
गौरतलब है कि घग्गर नदी को दूषित होने से बचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को दिसंबर 2019 में दिल्ली तलब किया था। ट्रिब्यूनल ने राज्यों को यह निर्देश दिए थे कि महत्वपूर्ण घग्गर नदी को दूषित होने से बचाने के लिए अभी तक क्या-क्या कार्य राज्यों ने किए हैं, इससे संबंधित दस्तावेज लेकर आएं।
एनजीटी के निर्देश पर 17 जनवरी को चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों के अधिकारी दिल्ली एनजीटी में पेश हुए। जहां उन्होंने अभी तक नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए किए गए कार्यों के दस्तावेजों को दिखाया। सभी कार्यों की समीक्षा के बाद चंडीगढ़ को एनजीटी ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेट करने के लिए निर्देश दिया।
पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ और भी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एनजीटी ने कार्य करने के लिए कहा है। जल्द ही दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य किया जाएगा।