दिग्विजय ने हैरानी जताई कि जिस मां को जीवन का पहला गुरु कहा जाता है, जो उंगली पकड़ कर चलना सिखाती है और फिर जीवन भर अपनी सुरक्षा से बच्चे को ताकत देती है, उसके योगदान और सीख पर कोई कैसे सवाल उठा सकता है। उन्होंने कहा है कि ऐसे बयान राजनीतिक माहौल का स्तर भी गिराते हैं और सामाजिक रूप से भी गलत संदेश देते हैं।
इनेलो का मौजूदा नेतृत्व महिलाओं को सम्मान देना भूल चुका है। इसका जीता जागता उदाहरण इनेलो की महिला विंग की प्रधान शीला भ्याण हैं, जिन्होंने इनेलो को अलविदा कहकर अजय सिंह चौटाला के नेतृत्व और दुष्यंत चौटाला के संघर्ष का साथ देना का एलान किया था। दिग्विजय ने बताया कि जननायक जनता पार्टी के भावी कार्यक्रमों में माताओं-बहनों की हिस्सेदारी बराबर की होगी और पार्टी से महिलाओं को जोड़ने वाले कार्यक्रम तेज किए जाएंगे।