कहा, इस साल तक गैर विवादित गांवों की कराई जाएगी चकबंदी
-सभी जिलों में तैयार कराए गए डिजिटल रिकाॅर्ड रूम, 125 में से 54 गांवों की शेष है चकबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एफसीआर कार्यालय, मंडल स्तरीय और उपमंडल कार्यालय के राजस्व रिकॉर्ड का 31 मार्च तक डिजिटलाइजेशन कर दिया जाएगा। साथ ही कानूनगो और पटवारखाना के रिकॉर्ड का भी इस वर्ष के अंत तक डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद लोगों को अपनी जमीन, राजस्व आदि के पुराने दस्तावेज खंगालने के बजाय एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। वहीं, सरकार का लक्ष्य है कि साल के अंत तक गैर विवादित गांवों में चकबंदी का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। राज्य में कुल 125 गांवों में चकबंदी का कार्य बकाया था, अब केवल 54 गांवों में चकबंदी करनी शेष है।
उपमुख्यमंत्री रविवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राज्य में बढ़ रहे राजस्व पर कहा कि वित्त वर्ष 2019 -20 में जहां स्टाम्प ड्यूटी 6200 करोड़ रुपये एकत्रित हुई थी, वहीं नागरिकों को सुविधा दिए जाने से अब तक करीब 10 हजार करोड़ रुपये राजस्व के रूप में सरकार को मिल चुके हैं, जबकि फरवरी और मार्च का माह अभी शेष है।
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मार्च से हरियाणा में देशी शराब प्लास्टिक की बोतलों में नहीं बिकेगी
दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि एक मार्च से प्रदेश में देशी शराब को प्लास्टिक की बोतलों में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को वर्ष 2019-2020 में एक्साइज टैक्स 6361 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ था। पिछले साल 2023 में आबकारी-वर्ष जुलाई तक 9687 करोड़ रुपये टैक्स मिला, जबकि इस बार 28 जनवरी 2024 तक ही एक्साइज टैक्स 9232 करोड़ एकत्रित हो चुका है। इस वर्ष में 10 हजार 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य था, परंतु उन्हें उम्मीद है कि आबकारी वर्ष पूर्ण होने तक राज्य सरकार को लक्ष्य से कहीं ज्यादा 11 हजार 500 करोड़ का टैक्स प्राप्त हो जाएगा।
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ग्रेड पे बढ़ाने पर बनी सहमति, जल्द सुलझेगा पटवारियों का विवाद
पटवारियों की हड़ताल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दो स्तर की बैठक में कई सहमति बनी हैं। सरकार ने पटवारियों के ग्रेड पे को बढ़ाने पर सहमति दे दी है और इसके लिए वित्त विभाग के पास पत्र भेजा है। वहां से जल्द मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा, कुछ तकनीकी चीजें हैं उनको भी जल्द ठीक कर लिया जाएगा।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला लोहारली के बच्चे एलईडी के माध्यम से पढाई करते हुए।संवाद