फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में तय समय पर नहीं हुए पंचायत चुनाव तो प्रशासक किए जाएंगे नियुक्तः दुष्यंत चौटाला

Sat, 27 Jun 2020 01:24 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
दुष्यंत चौटाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हरियाणा में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही कशमकश पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व पंचायत एवं विकास मंत्री दुष्यंत चौटाला ने साफ कर दिया है कि यदि पंचायत चुनाव टलते हैं तो पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण विकास का काम निर्बाध चलता रहे। दुष्यंत ने कहा कि पंचायती एक्ट के तहत ग्राम पंचायतों को एक्सटेंशन देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए ग्राम पंचायतों पर प्रशासक लगाना ही एकमात्र विकल्प दिख रहा है।

विज्ञापन


हरियाणा में पंचायतों का कार्यकाल जुलाई में खत्म हो रहा है। उसके बाद आगामी पंचायती चुनावों को लेकर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। कोविड-19 जैसी महामारी के इस दौर में सरकार फिलहाल ये समय चुनाव के लिए उपयुक्त नहीं मान रही है। दुष्यंत ने कहा कि महामारी के दौर में पंचायत चुनाव करवाने फिलहाल संभव नहीं हैं। मगर ग्राम पंचायतों को आगे एक्सटेंशन दी जाए, ऐसा भी एक्ट में कोई प्रावधान नहीं है। पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता। लिहाजा ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।  इस संदर्भ में सरकार जल्द ही फैसला लेगी।

वजूद में आ सकती हैं 48 नई ग्राम पंचायतें
हरियाणा में 48 नई ग्राम पंचायतें और वजूद में आ सकती हैं। पंचायत विभाग को विभिन्न जिलों से इस संदर्भ में प्रस्ताव मिले हैं। दुष्यंत ने बताया कि इसके लिए उनके समेत शिक्षामंत्री कंवरपाल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव वाली कमेटी जल्द ही इस पर फैसला लेगी। उल्लेखनीय है कि ये कमेटी नए प्रस्तावित जिले, ग्राम पंचायतों और ब्लॉक के वजूद पर अंतिम निर्णय लेने के लिए गठित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्लीयर हो चुकी किसानों की 99 फीसदी पेमेंट

दुष्यंत ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में पहली बार गेहूं खरीद के दौरान सरकार ने जो नई व्यवस्था बनाई है, उसका सीधा लाभ किसानों को मिला है। पहले जिला अनाज मंडियों के साथ-साथ 400 के करीब खरीद केंद्र बनते थे। मगर इस बार 1800 से अधिक खरीद केंद्र बनाए गए। किसानों को अपने गांवों से ज्यादा दूर गेहूं बेचने नहीं जाना पड़ा। साथ ही उन्हें मंडियों व खरीद केंद्रों पर इंतजार भी नहीं करना पड़ा। 

एसएमएस के जरिए उन्हें सूचना दी गई कि उन्हें कब अपनी फसल लेकर मंडियों तक पहुंचना है। दुष्यंत ने बताया कि उनकी पेमेंट भी आढ़तियों के माध्यम से सीधे उनके खाते में पहुंची और अब तक करीब 99 प्रतिशत पेमेंट क्लीयर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि धान के सीजन में इस व्यवस्था को सरकार और बेहतर बनाएगी और ये सुनिश्चित करेगी किसानों को उनकी फसलों का पूरा दाम मिले। उनके अनुसार खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने के बावजूद मंडियों व खरीद केंद्रों में कोई भी किसान कोरोना पॉजिटिव नहीं हुआ, ये भी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें