दुष्यंत ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में पहली बार गेहूं खरीद के दौरान सरकार ने जो नई व्यवस्था बनाई है, उसका सीधा लाभ किसानों को मिला है। पहले जिला अनाज मंडियों के साथ-साथ 400 के करीब खरीद केंद्र बनते थे। मगर इस बार 1800 से अधिक खरीद केंद्र बनाए गए। किसानों को अपने गांवों से ज्यादा दूर गेहूं बेचने नहीं जाना पड़ा। साथ ही उन्हें मंडियों व खरीद केंद्रों पर इंतजार भी नहीं करना पड़ा।
एसएमएस के जरिए उन्हें सूचना दी गई कि उन्हें कब अपनी फसल लेकर मंडियों तक पहुंचना है। दुष्यंत ने बताया कि उनकी पेमेंट भी आढ़तियों के माध्यम से सीधे उनके खाते में पहुंची और अब तक करीब 99 प्रतिशत पेमेंट क्लीयर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि धान के सीजन में इस व्यवस्था को सरकार और बेहतर बनाएगी और ये सुनिश्चित करेगी किसानों को उनकी फसलों का पूरा दाम मिले। उनके अनुसार खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने के बावजूद मंडियों व खरीद केंद्रों में कोई भी किसान कोरोना पॉजिटिव नहीं हुआ, ये भी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।