साफ है कि दुष्यंत सभी विधायकों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि गठबंधन सहयोगी के साथ कदमताल बनी रहे। पार्टी विधायकों के टूटने पर भाजपा हावी हो सकती है, इसका भी जजपा सुप्रीमो को पूरा आभास है। इसलिए उनका पूरा प्रयास पहले तो दादा गौतम को मनाने पर रहेगा।
कार्रवाई का अधिकार पार्टी अध्यक्ष के पास: दुष्यंत
दुष्यंत ने शुक्रवार को एक बार फिर कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार पार्टी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह के पास है। गौतम के इस्तीफे पर भी वही विचार करेंगे। दादा गौतम के मन को कौन सी ठेस पहुंची है, उन्हें मुझसे बात करनी चाहिए थी। कोई खामी होगी तो उसे सुधारेंगे। अगर मंत्री बनना ही सर्वोपरि है तो फिर संगठन और प्रदेश को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। दादा गौतम के बयान और टीवी पर दिखने के लिए बोलना गलत है।
नहीं हुई कैप्टन से कोई मुलाकात
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से कोई मुलाकात नहीं हुई। उनके अनेक विभाग मेरे पास इस सरकार में हैं, बावजूद इसके वह एक-दूसरे से अभी तक नहीं मिले। उनसे सांठगांठ के आरोप लगाना राजनीति से प्रेरित है।