चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित में हैंड ग्रेनेड हमले में वीरवार को एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ लगाई गई धारा यूएपीए की अवधि बढ़ाने की अपील की, जिस पर आरोपी पक्ष ने विरोध दर्ज कराया। एनआईए ने सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने गोपनीय रिपोर्ट पेश की जिसे पढ़ने के बाद अदालत ने आरोपियों पर लगाई गई यूएपीए की अवधि 180 दिन तक बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए।
बता दें कि सितंबर महीने में कोठी नंबर 575 में ऑटो सवार दो अज्ञात बदमाशों ने हैंड ग्रेनेड फेंककर विस्फोट किया था। इस मामले में यूटी पुलिस सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में जांच टीमों ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कि बुड़ैल जेल में बंद हैं। इस मामले में एनआईए ने बीते दो दिसंबर को गिरफ्तार सभी आरोपियों पर लगाई गई यूए(पी) अधिनियम की धारा 43 डी 2 (बी) के प्रावधान के तहत जांच की समय सीमा को 90 दिनों से आगे बढ़ाकर 180 दिनों तक करने के लिए एनआईए की विशेष अदालत में एक आवेदन दायर किया था। इस आवेदन पर वीरवार को एनआईए की जांच टीम व आरोपी पक्ष ने धारा की अवधि बढ़ाने को लेकर दलीलें दीं। हालांकि, इस दौरान आरोपी पक्ष ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा क्योंकि तत्काल आवेदन पर जवाब दाखिल करने का कोई आधार नहीं बनता है लेकिन इसी बीच एनआईए की जांच टीम ने कोर्ट के समक्ष सीलबंद रिपोर्ट पेश की जिसका अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि एक गंभीर मामला है, जिसमें मामले की जांच पूरी करने के लिए और समय की आवश्यकता है इसलिए आरोपियों पर लगे आरोपों और जांच को देखते हुए यूएपीए की धारा अवधि 180 दिन तक बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए है। वहीं, जेल में बंद पांचों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई।