फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: पूरी तरह से नहीं खत्म हुआ डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड, इस बार फिर लोकसभा चुनाव में बनेगा मुद्दा

Mon, 26 Feb 2024 02:42 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर राजनीति चंडीगढ़ के लिए कोई नई बात नहीं है। भाजपा आरोप लगाती है कि यह कांग्रेस की देन है तो कांग्रेस के नेताओं का अक्सर कहना होता है कि 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा एक कचरे के पहाड़ को नहीं साफ कर पाई।
विज्ञापन
डड्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा काफी पुराना है। भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के मेनिफेस्टो में वादा किया था कि कुछ ही सालों में कचरे के पहाड़ को खत्म कर दिया जाएगा। अब 10 साल हो चुके हैं लेकिन अभी भी पहाड़ पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में 2024 के चुनाव में भी यह मुद्दा बनेगा।
विज्ञापन


2019 लोकसभा चुनाव में डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड सबसे बड़ा मुद्दा था। भाजपा के लिए यह मुद्दा गले की हड्डी बन चुका था। विपक्ष ने इसे भुनाने का खूब प्रयास किया। कई धरने-प्रदर्शन हुए। भाजपा ने चुनाव से पहले एक प्रेस कांफ्रेंस कर कार्य योजना बताई कि वह कैसे डंपिंग ग्राउंड को खत्म करेंगे। भाजपा लोगों को समझाने में कामयाब रही लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी अब तक कचरे का पूरा पहाड़ खत्म नहीं हुआ है। 

विपक्ष ने इस बार भी डंपिंग ग्राउंड को मुद्दा बनाने की तैयारी की है। कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह गाबी का कहना है कि डड्डूमाजरा के लोग डंपिंग ग्राउंड की वजह से बहुत ज्यादा प्रभावित है। भाजपा ने 10 साल पहले चुनावी वादा किया था लेकिन वो फेल साबित हुए हैं। इस चुनाव में भी उन्हें जनता को जवाब देना होगा।
विज्ञापन


रोजाना डंपिंग ग्राउंड में गिर रहा फ्रेश कचरा चुनौतीः शीशपाल राणा
डड्डूमाजरा में कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम कर रही कंपनी के मालिक शीशपाल राणा ने बताया कि उन्हें 43 महीने में कचरे के पहाड़ को खत्म करने का टेंडर मिला है। उन्होंने अब तक 85 फीसदी काम पूरा कर लिया है। बताया कि उन्हें 13 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरे को प्रोसेस करने का टेंडर मिला था। ड्रोन सर्वे में 11 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरा मिला। 

शीशपाल ने बताया कि उनका अनुमान है कि अब डड्डूमाजरा में डेढ़ लाख एमटी कचरा ही बाकी रह गया है। उन्होंने कहा कि कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि मई तक काम खत्म कर लिया जाएगा लेकिन रोजाना घरों से निकलने वाला 400 एमटी कचरा भी डंपिंग ग्राउंड में गिराया जाता है। वो हमारे लिए चुनौती है। हालांकि उसके लिए भी अब अस्थाई प्लांट लगाया जा रहा है। उसके शुरू होने के बाद रोजाना पैदा होने वाला कचरा भी प्रोसेस किया जा सकेगा।

28 फरवरी को डंपिंग ग्राउंड पहुंच सकते हैं प्रशासक
डंपिंग साइट पर रोजाना गिरने वाले कचरे को प्रोसेस करने के लिए नगर निगम ने हाल ही में दो साल के लिए एक अस्थाई प्लांट लगाने का टेंडर किया था। उसमें पंजाब की एक कंपनी को काम मिला है। वर्तमान में डंपिंग साइट पर उस प्लांट के सेटअप का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। 28 फरवरी को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित अस्थाई प्लांट का उद्घाटन कर सकते हैं। यह प्लांट रोजाना घरों से निकलने वाले 400 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करेगा ताकि डंपिंग ग्राउंड पर कचरे को न गिराया जाए।

आम आदमी पार्टी डंपिंग ग्राउंड के कचरे के पहाड़ को हटाने के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। कई बार इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। मेरा घर खुद डंपिंग ग्राउंड के पास है। अब काफी हद तक काम पूरा हो गया है। मेरी कोशिश रहेगी कि जल्द काम को पूरा करा कर जनता को राहत दिलाई जाए। - कुलदीप कुमार, मेयर
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें