एनजीटी के निर्देश पर लगेंगी तीन और मशीनें
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित कमेटी ने हाल ही में इस प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान कमेटी ने भी कंपनी के काम से नाराजगी जताई थी। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से अतिरिक्त मशीन लगाकर कचरा निस्तारण की बात कही थी। कमेटी के निर्देश पर कंपनी अब मशीनों की संख्या 2 से बढ़ाकर 5 करने जा रही है ताकि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण हो सके।
न सांसद देखने आईं और न प्रशासक ने पूछा
प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रशासक ने कहा था कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। इसके अलावा वह खुद हर महीने प्लांट का निरीक्षण करेंगे ताकि पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और कितनी तेजी से कचरा निस्तारित हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि न सांसद ने कभी इस ओर मुड़कर देखा और न प्रशासक ने इसकी रिपोर्ट ली है। तभी कंपनी आराम से काम कर रही है।
25 हजार मीट्रिक टन कचरा डाला जा रहा डंपिंग ग्राउंड में
सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में पड़ा 25 हजार मीट्रिक टन कचरा भी डंपिग ग्राउंड पर डाला जा रहा है। निगम ने अपील की तो अतिरिक्त राशि देकर इस कचरे को भी कंपनी को निस्तारित करना होगा इसलिए कंपनी को इसके लिए भी तैयारी करनी होगी।
एक साल में कम नहीं हुआ कचरे का पहाड़ : दयाल कृष्ण
डंपिग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण का कहना है कि शहर भर का कचरा यहीं आ रहा है। जितना कचरा निस्तारित होता है, उतना फिर डंपिंग ग्राउंड पर फेंक दिया जाता है। ऐसे में यह समस्या कैसे कम होगी। कचरा निस्तारण के बाद मिट्टी भी दीवार के साथ बराबर से गिराई जा रही है। बारिश में लीचैट दीवार के ऊपर से सड़कों तक आ जाएगा।
कंपनी पर जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी के अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा है ताकि लोगों को जल्द इस समस्या से निजात मिल सके। हमारी कोशिश है कि मशीनें बढ़ने के बाद काम में तेजी आएगी। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी