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डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा: सांसद मनीष तिवारी के सवाल पर केंद्र का जवाब, जुलाई 2025 तक पूरा साफ होगा कूड़ा

Tue, 17 Dec 2024 01:43 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड लंबे समय से पर्यावरणीय समस्याओं का कारण बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस डंपिंग ग्राउंड से न केवल वायु और जल प्रदूषण हो रहा है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है।
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मनीष तिवारी। - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा सोमवार को संसद में उठा। सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में यह सवाल उठाया कि क्या सरकार को पता है कि डड्डूमाजरा का कचरा पहाड़ चंडीगढ़ और उसके आसपास के गांवों में गंभीर वायु और जल प्रदूषण फैला रहा है। उन्होंने इस समस्या को लेकर सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए।
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तिवारी ने पूछा कि क्या नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को दिए अपने वादे के अनुसार दिसंबर 2024 तक डंपिंग ग्राउंड को साफ करने का काम पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं। इस पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ नगर निगम ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच 5 लाख मीट्रिक टन कचरे का बायो-रेमेडिएशन कर लिया है। यह कार्य चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जरिए किया गया था।

उन्होंने कहा कि शेष 13.3 लाख क्यूबिक मीटर कचरे को साफ करने का कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा करने की योजना है। हालांकि पूरे डंपिंग ग्राउंड की सफाई का लक्ष्य जुलाई 2025 तक रखा गया है। मंत्री ने बताया कि कचरे के बायो-रेमेडिएशन के लिए बड़ी संख्या में मशीनें और परिवहन उपकरण लगाए गए हैं। दावा किया कि तय समय के अंदर इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।

निगम के दावों पर तिवारी ने उठाए सवाल

मनीष तिवारी ने केंद्र और नगर निगम के दावों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दिसंबर 2024 तक डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड को साफ करने के वादे के बावजूद अब तक कोई बड़े स्तर के ठोस कदम नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने इस मामले में एनजीटी के आदेशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चिंता जताई।
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सरकार की ओर से दिए गए इस जवाब के बाद सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नगर निगम और प्रशासन इस काम को समय पर पूरा कर पाते हैं या नहीं।

स्वच्छ सर्वेक्षण में भी डंपिंग ग्राउंड की वजह से पिछड़ रहा चंडीगढ़

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में 2022 के मुकाबले चंडीगढ़ को सिर्फ एक पायदान की उछाल मिली थी, लेकिन अगर डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड नहीं होता तो चंडीगढ़ 2023 में ही चौथे नंबर पर होता। स्वच्छ सर्वेक्षण में चार वर्गों में नंबर दिए गए थे। तीन में शहर के काफी अच्छे नंबर हैं। टॉप-10 में शामिल कई शहरों से ज्यादा नंबर है लेकिन 'गार्बेज फ्री सिटी' वर्ग में शहर बुरी तरह से पिछड़ा था। टॉप-14 में सिर्फ चंडीगढ़ ही है, जिसके इस वर्ग में 1375 में से 1175 आए थे। डंपिंग ग्राउंड होने की वजह से बाकी नंबर काटे गए हैं। अगर डंपिंग ग्राउंड नहीं होता तो चंडीगढ़ को कम से कम 1175 और अधिकतम 1375 नंबर मिलते। इन दोनों ही स्थिति में चंडीगढ़ का ओवरऑल स्कोर 8991.1 या 9191.1 होता। इन दोनों में से कोई भी स्कोर आता तो चंडीगढ़ सीधे चौथे नंबर पर पहुंच जाता। इस बार के सर्वेक्षण में भी चंडीगढ़ डंपिंग ग्राउंड की वजह से पिछड़ सकता है।
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