चंडीगढ़। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने रविवार को डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में चल रहे लेगेसी वेस्ट क्लीयरेंस कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बायो-माइनिंग और वेस्ट प्रासेसिंग कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने तय समयसीमा के अनुसार लक्ष्य पूरे न होने पर गहरी नाराजगी जताई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्लूएम) सेल के प्रदर्शन पर असंतोष जताया।
नगर निगम कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समय में हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डंपिंग ग्राउंड शहर के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बना हुआ है। इसे समय पर साफ करना बहुत जरूरी है, ताकि लोगों की सेहत, सफाई व्यवस्था और खासकर आसपास रहने वालों का जीवन बेहतर हो सके।
आयुक्त अमित कुमार ने यह भी कहा कि काम करने की पूरी छूट दिए जाने के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विंग का काम संतोषजनक नहीं है। उन्होंने एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी काम पर्यावरण मानकों के अनुसार ही होने चाहिए। इसमें पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण, कचरे की सही छंटाई, गंदे पानी (लीचेट) का सही प्रबंधन और धूल को नियंत्रित करने के उपाय शामिल हैं। अमित कुमार ने निर्देश दिए कि काम की नियमित निगरानी की जाए, प्रगति रिपोर्ट समय पर सौंपी जाए और कार्य को तेज करने के लिए पर्याप्त मशीनरी व कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस परियोजना को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि चंडीगढ़ को एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप साफ और टिकाऊ वातावरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।