सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बॉर्डर पर उपजे तनाव के चलते किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही सीमांत इलाकों के प्रशासन अधिकारियों और विधायकों व सासंदो को एरिया में ही रहने के सख्त निर्देश दिए।
दरअसल, पंजाब सरकार ने मुख्य सचिव सर्वेश कौशल की अध्यक्षता में आपता प्रबंधन कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह केअलावा खेतीबाड़ी, शिक्षा, सेहत विभागों केसचिव, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व जन सेहत विभागों के सचिव, डीजीपी, डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर, आईजी इंटेलिजेंस को शामिल किया गया है।
कमेटी ने छह सीमांत जिलों गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का व पठानकोट के सीनियर अधिकारियों के साथ विडियो कांफ्रेंस करके ताजा स्थिति की जानकारी ली।
पंजाब के करीब छह जिलों में हाईअलर्ट
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सीएम और डिप्टी सीएम भी सीमांत इलाकों के साथ संपर्क कायम रखते हुए हर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। सीमा केदस किमी के दायरे में पड़ते सभी गांवों को खाली करवा लिया गया है। सभी छह जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इन जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को एक-एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि राहत कैंपों में बुनियादी सुविधाएं यकीनी बनाएं। आईजी बॉर्डर रेंज व अन्य अधिकारियों के साथ भी संपर्क कायम है, ताकि क्षेत्रों को खाली कराने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
सीमांत इलाकों के सांसदों व विधायकों को अपने हलकों में रहने को कहा गया है। सीमांत इलाकों में दूसरी डिफेंस लाइन के तौर पर पंद्रह सौ पुलिस व पंजाब आर्म्ड पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
छह सीमांत जिलों में सीनियर अफसरों को तैनात किया गया है, ताकि इलाके खाली कराने की प्रक्रिया पर नजर रख सकें। उन्हें निर्देश दिया गया है कि लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।