पाकिस्तान से आई 2700 करोड़ की ड्रग्स के मामले का खुलासा तब हुआ, जब खेप जारी करने के लिए कस्टम विभाग पर दबाव डाला गया। गुरुनगरी के हुसैनपुरा क्षेत्र में कनिष्क इंटरप्राइजेज के नाम से पाकिस्तान से आयात-निर्यात का कारोबार करने वाले गुरपिंदर सिंह ने पाकिस्तान से मंगवाई गई नमक की खेप जारी करने के लिए कस्टम विभाग पर दबाव डाला थ। इसी दबाव की वजह से मामले का खुलासा हो गया।
गुरपिंदर सिंह के हावभाव देख कर कस्टम विभाग को शक हुआ। इसके बाद कस्टम विभाग के अफसरों की टीम ने खुले में पड़ी इस खेप की एक-एक बोरी को खंगाला और अब तक की सबसे बड़ी नशीले पदार्थों की खेप बरामद कर ली। भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान से आयात किए जाने वाले कुछ सामान पर 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी तक लगाई गई है। नमक भी इसी सूची में शामिल है, वहीं पाकिस्तान के साथ इस समय आयात-निर्यात का कारोबार लगभग ठप है।
कभी पाकिस्तान के साथ कारोबार के तहत 150 से 200 ट्रक भारत आते थे। इन दिनों यह कारोबार 10 से 15 ट्रक तक सिमट गया है। 26 जून को भी पाकिस्तान से मात्र 13 ट्रक आए थे। गुरपिंदर के श्रीनगर के हंदवाड़ा निवासी व्यापारी तारिक एहमद से व्यापारिक संबंध कब बने? क्या गुरपिंदर तारिक के कहने पर नमक की खेप मंगवा रहा था? क्या गुरपिंदर के साथ इस व्यापार में कुछ और लोग भी शामिल हैं? कस्टम विभाग के अफसरों को ऐसे कई सवालों के जवाबों की तलाश है।