बुड़ैल जेल में सजा काट चुके सरबजीत सिंह उर्फ रॉकी ने एक जनहित यचिका दाखिल कर कैदियों के जरिए नशे की सप्लाई का आरोप लगाया है। पूरे जेल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। याचिका में कहा गया कि जेल में बड़े पैमाने पर कैदियों को ड्रग्स, चिट्टा, स्मैक, बीड़ी, कैप्सूल आदि नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है। याची ने स्पेशल सीक्रेट टीम बनाकर इस मामले की जांच करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
याचिका पर हाईकोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। रॉकी ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बुडै़ल जेल में कैदियों को सुधार के लिए लाया जाता है। लेकिन जिस प्रकार यहां नशे की सप्लाई और जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है उससे यह नशेडियों का अड्डा बनती जा रही है। याची ने बताया है कि जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए योजनाबद्घ तरीके से काम किया जाता है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत रहती है।
रॉकी ने कहा कि जब जेल में मौजूद कोई कैदी पेशी के लिए जाता है तो वहीं से योजना आरंभ हो जाती है। पेशी से वापस आते हुए उसके माध्यम से नशे की खेप जेल तक पहुंचती है। सही चेकिंग के अभाव में यह नशा जेल के कैदियों के लिए उपलब्ध होता है। हालांकि इसकी कीमत बाहर के मुकाबले जेल के अंदर 3 से 50 गुना तक हो जाती है।