इंडो-पाक बॉर्डर से अवैध हथियारों और नशे की बड़ी खेप लाने का आरोपी रणजीत सिंह उर्फ राणा उर्फ चीता लंबे समय से अमृतसर की अपनी डेयरी में डेरा लगाए बैठा था। अटारी बॉर्डर से नशे की खेप लाने के बाद वह उसे सीधा अपनी अमृतसर में रामतीर्थ रोड स्थित डेयरी में ले जाता था। इसके बाद अपने नेटवर्क के जरिए पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया करता था। यह खुलासा आरोपी चीता ने अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की जांच टीम के समक्ष रिमांड अवधि के दौरान किया।
आरोपी के इस कबूलनामे के बाद पुलिस टीम ने उसकी निशानेदही पर रामतीर्थ रोड स्थित उसकी डेयरी से दो किलोग्राम हेरोइन का नशा भी बरामद किया। आरोपी से नशा बरामदगी के बाद पुलिस ने उससे डेयरी के संबंध में पूछताछ की तो उसने बताया कि डेयरी उसकी अपनी है। आरोपी ने इस संबंध में पुलिस के समक्ष अलग अलग तरह के जवाब दिए। इस कारण पुलिस फिलहाल इस संबंध में पुलिस जांच में जुटी है। यही कारण है कि अब अमृतसर रूरल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस जगह डेयरी है, वह जमीन किस व्यक्ति के नाम पर है।
जमीन का रिकॉर्ड हाथ में आने पर यदि जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हुई तो पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी। फिलहाल आरोपी चीता अमृतसर रूरल पुलिस के पास वहां दर्ज केस में पांच दिन की रिमांड अवधि पर है। इससे पूर्व पुलिस इंटोरेगेशन में आरोपी ने कबूला था कि वह पंजाब में अब तक नशे की चार बड़ी खेप ला चुका है। आरोपी ने नशे की चारों खेप लाने के लिए महज अटारी बॉर्डर का रास्ता ही चुना। सूत्रों के अनुसार नशे की खेप लाकर वह अमृतसर के रामतीर्थ रोड स्थित अपनी डेयरी में ही रखता था।
आरोपी को इंटेरोगेट कर रही पुलिस टीम ने उसके खुलासे के बाद उसके द्वारा बताए गए रूट का पूरा मैप भी तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी कई मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर चुका है और किसी भी एक नंबर को अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं करता था। आरोपी से अभी अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले जाकर पूछताछ करेगी।
यह है आरोपियों की हिस्ट्री
आरोपी रणजीत से पूछताछ में पता लगा है कि वह 2008, 2009 और वर्ष 2011 सहित समय-समय पर नशा तस्करी के मामलों में नामजद होता रहा है। आरोपी को पांच किलोग्राम हीरोइन तस्करी के आरोप में बारह वर्ष की सजा भी हो चुकी है। लेकिन वर्ष 2018 के मार्च महीने में आरोपी रंजीत सर्वोच्च न्यायालय से शक का फायदा लेकर छूट गया था। आरोपी रंजीत राणा उर्फ चीता समेत उसके पांच भाई हैं। इनमें से आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ भोला सहित तीन नशा तस्करी के मामलों में नामजद हैं।
अन्य दो आरोपी भाई बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला के खिलाफ वर्ष 1994, 2004 और वर्ष 2019 में तीन केस दर्ज हैं। जबकि आरोपी कुलदीप सिंह के खिलाफ वर्ष 2013, 2014 और वर्ष 2019 में नशा तस्करी के कई केस दर्ज हैं। यह सभी मामले एसटीएफ, एसएसओसी, डीआरआई अमृतसर में दर्ज हैं। आरोप हैं कि रंजीत उर्फ चीता पाकिस्तान के आईएसआई के इशारों पर पंजाब में काम करता रहा है। आरोपी इंडो-पाक बॉर्डर से पंजाब को खत्म करने के लिए लगातार नारको आतंक का प्रयास करने में जुटा रहा है।