नशा तस्करों ने बदला डिलीवरी का तरीका, बॉर्डर एरिया बना नया पॉइंट
पुलिस की सख्ती से बड़े तस्कर चंडीगढ़ से बाहर खिसके, ग्राहक को लोकेशन भेजकर उठवाया जा रहा माल
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पुलिस की सख्ती बढ़ी तो बड़े नशा तस्करों ने शहर से दूरी बना ली। अब चंडीगढ़ से सटे बॉर्डर एरिया में खेप पहुंचाकर ग्राहकों को वहीं से माल उठाने की लोकेशन भेजी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ट्रैप से बचने के लिए तस्कर सीधे डिलीवरी करने से बच रहे हैं और बड़ी खेप के बजाय छोटी मात्रा में सप्लाई कर रहे हैं। यही वजह है कि बड़े अभियान के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक बड़ी नशे की खेप नहीं लग सकी है। बदले तरीके से निपटने के लिए अब ट्राइसिटी पुलिस की समन्वय बैठक में नई रणनीति तैयार की जाएगी।
15 ग्राम से ज्यादा माल देने से भी बच रहे तस्कर
सूत्रों के मुताबिक, नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच बड़ी मात्रा में माल की डिलीवरी से बचने की चर्चा है। पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार, तस्करों ने ग्राहकों और छोटे सप्लायरों को 15 ग्राम या इससे अधिक ड्रग्स देने से मना कर रखा है। ट्रैप में फंसने के डर से कम मात्रा में डिलीवरी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान बड़ी खेप नहीं पकड़े जाने के पीछे यह भी एक कारण हो सकता है।
ट्राइसिटी में बनेगी तस्करों पर नकेल की रणनीति
चंडीगढ़ से सटे बॉर्डर एरिया में सक्रिय तस्करों और नशा सप्लायरों पर शिकंजा कसने के लिए डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा जल्द ट्राइसिटी के पुलिस अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन बैठक करेंगे। बैठक में शहर की सीमा से बाहर सक्रिय नेटवर्क पर कार्रवाई और आपसी समन्वय की रणनीति तैयार की जाएगी। पुलिस का फोकस अब सिर्फ चंडीगढ़ में सप्लाई करने वालों पर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है।
क्लब, पार्क और खाली मकान भी निगरानी में
पुलिस के नए प्लान में क्लब, पार्क, सुनसान स्थान और लंबे समय से खाली पड़े मकानों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा। इन जगहों पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ पुलिस गश्त और चेकिंग बढ़ाएगी। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई से बचने के लिए तस्कर इन स्थानों का इस्तेमाल नशे की डिलीवरी या सेवन के लिए कर सकते हैं। क्लबों और बाजारों में भी नशे के आदी लोगों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुखबिर तंत्र से छोटे सप्लायर से बड़े तस्कर तक नजर
नशे के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और संभावित डिलीवरी पॉइंट की जानकारी जुटाई जा रही है। छोटे सप्लायरों से लेकर बड़े तस्करों तक की गतिविधियां खंगाली जा रही हैं। खाली जंगल और सुनसान इलाकों में उगे गांजे के पौधों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिसकर्मी मिला तो सीधे केस और जेल
डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा ने नशे के कारोबार में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि किसी पुलिसकर्मी की नशे के कारोबार में मिलीभगत सामने आने पर उसके खिलाफ सीधे केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई होगी। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।