नेश की लॉबी का शिकार होकर हमारी बेटी तो दुनिया से चली गई, लेकिन किसी और के साथ ऐसी अनहोनी न हो, इसलिए न्याय चाहिए। यह गुहार सेहत विभाग में जिला लाइसेंसिंग अथॉरिटी नेहा शौरी की मां अरुण शौरी ने लगाई है। वह वीरवार को सेक्टर-12 स्थित अपने निवास स्थान पर अमर उजाला से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी नेहा ईमानदारी से ड्यूटी कर रही थी।
इसके बाद उसे दिनदहाड़े दफ्तर में घुसकर गोली मार दी गई। हम केवल यही चाहते हैं कि मेरी बेटी के साथ न्याय हो। 12 साल की नौकरी के दौरान उस पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। उसने पंजाब को नशे से बचाने के लिए पूरी ईमानदारी से अपना काम किया। लेकिन कुछ ताकतवर लोगों के दबाव में मेरी बेटी नेहा शौरी की हत्या की गई है। अभी तक जांच टीम की ओर से कोई खुलासा नहीं हो पाया है, हालांकि जांच टीम पर उन्हें पूरा भरोसा है।
नेहा की भतीजी हो रही काउंसलिंग
नेहा के पिता रिटायर्ड कैप्टन कैलाश कुमार शौरी ने बताया कि उनकी छह वर्षीय नातिन की काउंसलिंग पीजीआई में चल रही है। नेहा को जब गोली मारी गई तो छह वर्षीय मेरी नातिन वहीं थी। इस घटना से उसे गहरा आघात लगा है। वह अजनबी को देखकर डर जाती है। पीजीआई के डाक्टर उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं।
दो साल की बेटी भी पूछती है- मां कहां है
मां अरुण शौरी ने बताया कि नेहा की दो साल दो महीने की बेटी है। वह अपनी मां के बारे में पूछती है तो कलेजा कांप उठता है। उसे क्या जवाब दें। बड़ी होगी तो हम उसे क्या बताएंगे कि तुम्हारी मां को ईमानदारी से काम करने की कीमत चुकानी पड़ी। इसीलिए हम चाहते हैं कि नेहा को न्याय मिले। यह कहते हुए अरुण शौरी रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मिलकर हमने न्याय की मांग की है। उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
नशे की खेप पहुंचाने वाली लॉबी का हाथ था हत्या में
रिटायर्ड कैप्टन कैलाश कुमार शौरी ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या कराने में नशे की खेप पहुंचाने वाले लोगों का हाथ है। इस कारण गोली मारने वाले आरोपी बलविंदर सिंह ने उसे गोली मारने के बाद आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने पांच हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर की चेकिंग की थी। उसने अपना काम सही तरीके से किया। हमें नेहा पर गर्व है।
नशे को उखाड़ फेंकने के लिए, जो वह कर सकती थी, उसने किया। अब उसकी मौत जिस तरह से हुई है। सरकार उसे न्याय दिलाने का काम पूरी ईमानदारी से करे। दो बार एसआईटी टीम के मेंबर से संतुष्ट नहीं होने पर उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की थी कि एसआईटी टीम का गठन दोबारा किया जाए। इस पर सहमति जताते हुए पंजाब सीएम ने नई एसआईटी बनाई है। वह मामले की जांच कर रही है। अभी तक मौजूदा जांच से मुझे संतुष्टि है।
नेहा शौरी हत्याकांड एक नजर में
29 मार्च को खरड़ स्थित लैब के दफ्तर में घुसकर आरोपी बलविंदर ने नेहा शौरी की गोलियां मारकर हत्या की। और फिर खुद भी जान दे दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी बलविंदर सिंह मोरिंडा में दवा की दुकान चलाता था। 2009 में नेहा ने उसकी दुकान पर छापा मारा था। बलविंदर की दुकान से नशीली दवाएं बरामद हुईं थी। इसके बाद नेहा ने उसकी दवा दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया था। मामला 10 साल पुराना था। लाइसेंस रद्द करने की वजह से नेहा की हत्या हुई थी।
02 अप्रैल: एसआईटी ने नेहा शौरी के कार्यकाल में जारी मेडिकल लाइसेंस और पेंडिंग केसों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। जांच में सामने आया था कि उसने अपने कार्यकाल के दौरान 637 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस कैंसल किए थे।
दो अप्रैल को ही हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी बनी थी।
चार अप्रैल को मोहाली के डीसी को चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। लाइसेंस कोड ऑफ कंडक्ट लगने के बाद बलविंदर के नाम कैसे जारी हो गया था। इसके बाद उसने पिस्टल खरीदी और वारदात को अंजाम दिया।