चंडीगढ़। नशे करने वाला व्यक्ति खुद तो बर्बाद होता ही है, साथ ही साथ उसके घरवाले और परिजन भी शर्मिंदगी सहन करते हैं। यह सब दिखाया गया नुक्कड़ नाटक ‘जिंदगी और मौत’ में। सेक्टर- 17 प्लाजा में आयोजित दो दिवसीय नाटक उत्सव के पहले दिन लवप्रीत सिंह के डायरेक्शन में नुकड्ड नाटक के जरिए कलाकाराें ने समाज को जगाया। इसे थिएटर आर्ट्स चंडीगढ़ और सिटी इंटरटेनमेंट के सहयोग से कराया जा रहा है।
इसमें दिखाया गया कि आजकल की युवा पीढ़ी नशे के दलदल में पड़ चुकी है। छोटी उम्र से ही बच्चाें को नशे की आदत लग चुकी है। घर से लेकर कॉलेज तक के छात्राें को नशा जकड़ ले चुका है। नशा करने वाले पहले घर से पैसे लेकर नशा करते हैं, जब घरवालाें को पता चलता है तो वह उसे पैसे देने से मना कर देते हैं। पैसे न मिलने वह अपने ही घर में चोरियां करना शुरू कर देता है। रिश्तेदाराें से पैसे मांगना शुरू का देता है। रिश्तेदार भी उसे पैसे देने से मना कर देते हैं। आखिर में दिखाया गया है कि नशे की लत के चलते युवक एक दिन ज्यादा नशा कर लेता है और ओवरडोज के चलते उसकी मौत हो जाती है। इसके बाद उसके रिश्तेदार परिवार वालों का छोड़ देते हैं। बेटे के नशे का खामियाजा उसके पूरे परिवार को भारी पड़ता है।
नुकड्ड नाटक में इन कलाकाराें ने किया काम
अमनदीप, प्रभजोत कौर, लवप्रीत, गुरप्यार सिंह, गुरविंदर सिंह, किम्मी देयोल, वरिंदर सिंह, हैरी, हरगोबिंद सिंह, शाबी।