मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि डिप्टी कमिश्नरों को जेलों की कमियों की पहचान करने के लिए निजी तौर पर जांच करने को कहा है और सुरक्षा उपकरणों में दिखाई देती कमी को बिना किसी देरी के पूरा करने को कहा गया है।
मीटिंग में जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सतीश चंद्रा, डीजीपी दिनकर गुप्ता, डीजीपी (इंटेलिजेंस) वीके भावरा, डीजी (जेल) रोहित चौधरी, एआईजी (जेल) एचएस मान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सचिव पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) हुसन लाल और विशेष सचिव वित्त गरिमा सिंह शामिल थे।
वार्डन के 700 पद तुरंत भरने के निर्देश
नाभा जेल में बरगाड़ी बेअदबी मामले के मुख्य दोषी की हाल ही में हुई हत्या और लुधियाना जेल में दंगों पर कैप्टन ने गंभीर नोटिस लिया है। उन्होंने वार्डनों के खाली पड़े 700 पदों को बिना देरी के भरने के निर्देश दिए हैं। हालांकि सरकार ने पहले ही 400 वार्डनों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इनके लिए वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बाकी 300 पद भी जल्द भरने के लिए विभाग को मंजूरी देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वार्डनों की भर्ती के लिए मौजूदा केवल लिखित परीक्षा कराने के अमल की जगह शारीरिक टेस्ट और शारीरिक टेस्ट के न्यूनतम मापदंडों को पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं।
पैरोल के नियमों में संशोधन
कैप्टन ने जेल मैनुअल का जायजा लेने के लिए भी जेल विभाग को हिदायत दी। उन्होंने कैदियों के लिए पैरोल को मुश्किल बनाने के लिए उचित संशोधन करने को कहा क्योंकि कैदी जेलों से बाहर आकर समस्याएं पैदा करते देखे गए हैं।
मोहाली में नई जेल बनाने का प्रस्ताव मंजूर
मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने मोहाली में एक नई जेल स्थापित करने के जेल विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे दूसरी जेलों पर दबाव और कैदियों की ज्यादा संख्या को घटाया जा सकेगा।
जेलों में मोबाइल फोन पहुंचने और मुलाजिमों की मिलीभगत संबंधी शिकायतों पर, मुख्यमंत्री ने जेलों में तैनात किये जाने वाले ऐसे सभी मुलाजिमों की जांच करने को भी कहा है। उन्होंने हिदायत की है कि सीआरपीएफ की कंपनियां जितनी जल्दी हो सके जेल ड्यूटी पर तैनात की जाएं।