चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की इमारत का हेरिटेज स्टेटस बरकरार रखते हुए कैसे इसका विस्तार किया जा सकता है, इसे जानने के लिए हाईकोर्ट ने आईआईटी रुड़की की टीम को 8 और 9 जून को इसका ड्रोन सर्वे करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इसके लिए मंजूरी देने का आदेश दिया है। इसके साथ परिसर को नो फ्लाई जोन रखने का भी निर्देश दिया है।मंगलवार को सुनवाई के दौरान आईआईटी रुड़की की टीम अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की इमारत का ड्रोन सर्वे करने के लिए उन्हें मंजूरी नहीं मिली है। इस पर यूटी प्रशासन ने कहा कि हमारी तरफ से मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन रेड जोन होने के नाते केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। एयर ट्रैफिक को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 8 और 9 जून के लिए मंजूरी सुनिश्चित करने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन दो दिनों में कोई भी जहाज या हेलीकॉप्टर को हाईकोर्ट के ऊपर से गुजरने की अनुमति न दी जाए। हाईकोर्ट असल में आईआईटी रुड़की से जानना चाहता है कि यह इमारत कितना वजन झेल सकती है, क्या इस इमारत का हेरिटेज दर्जा बरकरार रखते हुए इसमें कोई निर्माण किया जा सकता है और किस-किस स्थान पर निर्माण के लिए संभावनाएं मौजूद हैं।
सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन ने बताया कि पंजाब एमएलए हॉस्टल के निकट पार्किंग निर्माण का कार्य सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ यह भी बताया गया कि अतिरिक्त बिल्डिंग के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की मंजूरी मंगलवार को ही प्रशासक के दस्तखत के साथ दे दी जाएगी।