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पीजीआई में अजीब नजारा: पहले खुद गिराया कूड़ा, फिर कैमरा ऑन करके रचा गया सफाई का ढोंग; सामने आया Video

Tue, 08 Apr 2025 01:55 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

पीजीआई में कचरा फैलाकर सफाई करने का एक वीडियो सामने आया है। वहीं अपने बच्चे को दिखाने हिमाचल से आई महिला ने कहा कि जब असल में गंदगी होती है तो कोई ध्यान नहीं देता और जब कैमरा आता है तब खुद ही गंदगी फैलाकर नाटक किया जाता है। ये जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।
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पीजीआई में गंदगी फैलाता कर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई में सोमवार को सुबह एक अजीब नजारा देखने को मिला है, जिसमें सफाई के नाम पर चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम में स्टाफ की ओर से ड्रामा किया गया है। जिसने पूरे सफाई अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सफाई कर्मचारियों ने पहले खुद कूड़ा गिरवाया और कैमरा ऑन करके वहां अधिकारियों की ओर से झाड़ू लगाने का ढोंग रचा गया।
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सुबह करीब साढ़े 8 बजे पीजीआई के पीडियाट्रिक्स इमरजेंसी के बाहर अचानक कई सफाई कर्मचारी और कुछ अधिकारी पहुंचे। एक कर्मचारी आसमानी रंग का प्लास्टिक का थैला लेकर पहुंचा और पीडियाट्रिक इमरजेंसी के रैंप पर थैले के अंदर से सूखे पत्ते निकालकर गिराने लगा। 
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कुछ और कर्मचारी पहुंचे और रैंप के बगल में लगे पौधों की क्यारियों में फेंके हुए प्लास्टिक के बोतल, कागज की प्लेट्स को निकालकर रैंप और सीढ़ियों पर गिरा दिया। वहां बैठी एक महिला ने कर्मी से पूछ भी लिया कि यहां क्यों गंदा कर रहे हो तो एक कर्मी ने जवाब दिया कि, कोई टीम आई हुई है, कहते हैं कि पहले गंदगी दिखाओ, फिर साफ की फोटो दिखानी है। 
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इस नकली सफाई कार्यक्रम के दौरान कुछ सफाई कर्मी खुद भी असमंजस में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या और फैलाएं गंदगी? जिससे साफ झलक रहा था कि यह सब सिर्फ दिखावे के लिए किया जा रहा है। यह सब 10 मिनट तक चलता रहा, इसके बाद एक अधिकारी ने निर्देश दिए कि अब सफाई कर दो। इसके बाद सभी कर्मचारी एक साथ झाड़ू लगाने में जुट गए। कुछ मिनट झाड़ू लगाने के बाद वहां स्वच्छता पखवाड़ा के बैनर लगाकर फोटो भी खींचे गए।

ऐसे बनावटी कार्यक्रम मुहिम की साख को पहुंचा रहे नुकसान

एक ओर सरकार और समाज मिलकर स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने में लगे हैं, वहीं, ऐसे बनावटी कार्यक्रम पूरी मुहिम की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान की भावना का भी मजाक है। जरूरत है कि सफाई को केवल कैमरे की चकाचौंध से बाहर निकालकर वास्तविकता में लाया जाए ताकि इसका लाभ वास्तव में आम नागरिकों को मिल सके। जिस समय ये ड्रामा चल रहा था, वहां बैठे मरीजों के तीमारदारों ने भारी नाराजगी जताई।
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