चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने बुधवार को पंजाब राजभवन में आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. महावीर सिंह को सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त के रूप में शपथ दिलाई। उन्होंने सेक्टर-18 स्थित दफ्तर में अपना कार्यभार संभाल लिया। डॉ. महावीर ने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि सरकारी सेवाएं लोगों को समय पर मिलें। कोई विभाग कोताही न बरते। साथ ही, विभागों में आईटी के इस्तेमाल पर जोर देंगे, ताकि लोगों को घर बैठे सारी सुविधाएं मिले।
डॉ. महावीर सिंह 1989 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और 28 फरवरी 2023 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति से पहले वे हरियाणा सरकार में स्कूल शिक्षा, खेल और युवा मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 1999 में वे चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि लोगों को तय समय के अंदर ही सरकारी सेवा मिले। पिछले 13 महीने से सेवा के अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त का पद खाली था। प्रशासन ने अक्तूबर 2024 में इस पद के लिए आवेदन मांगे थे। हरियाणा कैडर के 1989 बैच के पूर्व आईएएस अरुण कुमार की नियुक्ति के बाद दो महीने के भीतर उन्होंने मुख्य आयुक्त का पद छोड़ दिया था, जिसके बाद से यह पद खाली था। इससे पहले पूर्व आयुक्त केके जिंदल का कार्यकाल 21 मार्च को समाप्त होने के बाद तत्कालीन यूटी सलाहकार धर्मपाल को पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। बुधवार को उनके शपथ के मौके पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव विवेक जोशी, यूटी प्रशासन और हरियाणा सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और डॉ. महावीर सिंह के परिवारजन उपस्थित रहे।