तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने किया था सम्मानित
प्रो. जगजीत सिंह की पहचान एक अनुशासन प्रिय और समय पाबंद के तौर पर थी। वे अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करते थे। उनके साथ काम कर चुके डॉक्टरों ने बताया कि एक बार एक सफाई कर्मी सफाई कर रहा था। वह प्रो. चोपड़ा को दिखा रहा था कि देखिए कितनी सफाई है। प्रो. चोपड़ा कुर्सी पर चढ़ गए और मेज पर पड़ी धूल को दिखाकर बोले, देखो कितनी सफाई है।
चाहे कॉलेज का वार्षिक समारोह हो या कोई सेमिनार हो। हर कार्यक्रम की छोटी से छोटी बातों पर गौर करते थे और खुद ही निगरानी रखते थे। डॉक्टरों को पता चल गया था कि प्रो. चोपड़ा सफाई पसंद भी हैं तो डॉक्टर अपनी मेज और कमरे को साफ रखते थे, लेकिन प्रो. चोपड़ा मानते थे कि जिसकी मेज पर कोई कागज या फाइल नहीं है तो इसका मतलब है कि उसका मन रिसर्च और पढ़ाई में नहीं लगता।
साल 2017 में मिला था पद्म भूषण
डॉ. जेएस चोपड़ा का न्यूरोसाइंस में काफी नाम है। उनके 235 से ज्यादा साइंटिफिक पेपर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित हो चुके हैं। साल 2008 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वर्ल्ड फेडरेशन आफ न्यूरोलाजी की ओर से उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। वे इंडियन अकेडमी ऑफ न्यूरोलाजी के फाउंडर प्रेसिडेंट भी रहे हैं। उन्हें पाकिस्तान की न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से भी सम्मानित किया गया था।