केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने डायरेक्टोरेट ऑफ आयुष में तैनात डॉ. एनएस भारद्वाज को पूर्व में दिए आदेश के तहत अब तक प्रमोट न करने पर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।
हाल ही में मामले की सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने प्रशासन को डॉ. भारद्वाज को अब तक प्रमोट न करने के बाबत जवाब देने के आदेश दिए थे। इस पर प्रशासन ने ट्रिब्यूनल में दायर जवाब में डॉ. एनएस भारद्वाज को बतौर डिप्टी डायरेक्टर प्रमोट करने के आदेश जारी करने के ऑर्डर की कॉपी पेश की।
इससे पहले डॉ. एनएस भारद्वाज की ओर से उनके वकील ने उनकी प्रमोशन को लेकर कैट में याचिका दायर की थी। इसमें प्रशासक, प्रशासक के सलाहकार और गृह कम स्वास्थ्य सचिव को पार्टी बनाया गया था। याचिका में कहा था कि 10 फरवरी 2010 को डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) ने डॉ. भारद्वाज को प्रमोट करने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद उन्हें प्रमोट नहीं किया गया। कैट ने प्रशासन को दिए आदेश में डीपीसी की सिफारिशों को दो महीने के अंदर लागू करने को कहा था।
दो महीने बाद भी प्रशासन ने ट्रिब्यूनल के आदेश का पालना नहीं किया। इसके बाद डॉ. भारद्वाज के वकील ने प्रशासन के खिलाफ 27 नवंबर 2015 को अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद ट्रिब्यूनल में प्रशासक के सलाहकार और गृह कम स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ 4 जनवरी 2016 को नोटिस जारी हुआ और उन्हें जवाब दायर को कहा गया।
इसके जवाब में दोनों अधिकारियों की ओर से सरकारी वकील पेश हुए और ट्रिब्यूनल के सामने डॉ. भारद्वाज को प्रमोट करने के प्रशासन के आदेश की कॉपी सौंपी।