चंडीगढ़ के दिल्ली पब्लिक स्कूल में मंगलवार सुबह तीसरी क्लास के 2 बच्चों के बीच मारपीट में चोटिल एक बच्चे के परिजनों ने पुलिस को स्कूल प्रशासन पर इलाज न करवाने की शिकायत दी। आरोप लगाया कि बच्चे को चोट लगने के बावजूद फर्स्ट एड देने के बजाए पौने घंटे कमरे में ही बैठाया गया, जबकि पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद किसी भी क्रिमिनल धाराओं में केस दर्ज नहीं किया।
शिकायतकर्ता सेक्टर-40 निवासी बिजनेसमैन मनीष मलिक ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं करना चाहती, जबकि बच्चे को चोट लगने के बाद करीब पौने घंटे तक बैठाया गया। सेक्टर-39 थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि 7 वर्षीय बच्चे के पेरेंट्स मनीष मलिक ने सुबह शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह क्लास से कुछ देर पहले ही दूसरे बच्चे से मारपीट हुई। इसमें उनके बच्चे को आंख के नीचे गहरी चोट लगी। इसके बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस ने डीडीआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
स्कूल से जांच में मिली फुटेज
सेक्टर-39 थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि डीपीएस की तरफ से मामले में सीसीटीवी फुटेज सौंपी गई। इसमें बच्चे ने 7.31 बजे लड़ाई की थी। उसके बाद स्कूल प्रशासन अपने मेडिकल रूम में इलाज के लिए लेकर गया था। दोनों घटनाओं की फुटेज व दर्ज बयानों के आधार पर पुलिस की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं बनती है।
वहीं डीपीएस का पक्ष लेने के लिए स्कूल के लैडलाइन नंबर पर फोन किया तो उनके सिक्योरिटी सुपरवाइजर ने बताया कि उनके पास प्रिंसिपल सहित किसी का नंबर नहीं होता है। किसी भी तरह की जानकारी के लिए बुधवार सुबह संपर्क करना पड़ेगा।