चंडीगढ़। पीयू के एकेडमिक कैलेंडर में तीन अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की बात कही गई है लेकिन इसे लेकर सभी शिक्षक संशय में हैं। उनका कहना है कि इतना जल्दी यह संभव नहीं लग रहा है क्योंकि सिलेबस से लेकर टाइम टेबल पास होना है। साथ ही शिक्षकों को कितना भार दिया जाना है, यह भी पास किया जाना है। कई अन्य कार्य भी बाकी हैं। इस कार्य में समय लगेगा। शिक्षकों का कहना है कि दस अगस्त से पहले शिक्षण कार्य शुरू होना संभव नहीं लग रहा है।
पीयू में दो बार शिक्षण कार्य सस्पेंड हो चुका है। अब एकेडमिक कैलेंडर तैयार किया गया है। उसमें कक्षाएं शुरू करने की तिथि तीन अगस्त दिखाई गई है। यह बात शिक्षकों को पता लगी तो उन्होंने कहा कि यह संभव नजर नहीं आ रहा है। तीन अगस्त की बजाय इसे 15 अगस्त के बाद किया जाना चाहिए। पीयू कोशिश करेगा तो भी दस अगस्त तक का समय कक्षाएं लगने में लग जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी टाइम टेबल है। किस विभाग में किस शिक्षक को क्या-क्या काम दिया जाना है। कौन-से विषय पढ़ाए जाने हैं, आदि अभी तय होना बाकी है। जब पढ़ाई की रूपरेखा ही तय नहीं होगी तो वह शुरू कैसे हो सकती है। हालांकि पीयू प्रशासन भी यह सब कार्य करने में जुटा है। समय रहते वह भी काम पूरा करने का दावा कर रहा है ताकि शिक्षण कार्य शुरू हो सके।