चंडीगढ़। शहर के लोगों ने डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर की हड़ताल खत्म होने पर राहत की सांस ली है। पिछले दो दिन से हड़ताल के कारण लोगों के घरों में कूड़ा काफी मात्रा में जमा हो जाने से लोग चिंतित थे। यह हड़ताल मंगलवार को समाप्त होने पर दोपहर में ही कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां चल पड़ीं, तब लोगों को राहत मिली।
पिछले दो दिन से शहर की सड़कों पर गंदगी का अंबार लग गया था। डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। नगर निगम ने उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए संकट का समाधान किया। नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर गुरविंदर सिंह सोढ़ी ने कर्मचारियों के साथ बैठक में उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पहले वह कमर्शियल और मार्केट एरिया के वेतन की जांच करेंगे। इसके लिए एक समिति बनाई गई है। इस समिति के नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। विवादित लेबर रेट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर्स यूनियन के प्रधान धर्मवीर राणा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत हमारे संघर्ष की है। हमारे साथी कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई और उनकी एक अपील पर सभी साथी हड़ताल के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। अब स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। नगर निगम ने भरोसा दिलाया है कि उनकी जायज मांगों का उचित समाधान किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।