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गारबेज कलेक्टर यूनियन ने किया समझौते का विरोध, NGT ने दी निगम को तीन महीने की राहत

Sun, 12 Jan 2020 04:21 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नगर निगम चंडीगढ़
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राष्ट्रीय सफाई मजदूर कांग्रेस से मान्यता प्राप्त डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर यूनियन ने शनिवार को पूर्व मेयर राजेश कालिया द्वारा किए समझौते के खिलाफ मोर्चा खोला है। पिछले महीने निगम व डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टरों में करार हुआ था। इसके तहत निगम घरों से अपने वाहनों में पृथक करके कचरा उठाएगा।

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निगम के वाहनों में ही डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर कचरा उठाएंगे व निगम उन्हें आउटसोर्स माध्यम से स्टाफ में शामिल करेगा। यूनियन के नेता शमशेर सिंह लोहटिया ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से समझौते पर जिन लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं उनमें से तीन लोग तो पूर्व मेयर के ही हैं। वे उनकी यूनियन के सदस्य भी नहीं हैं। पूर्व मेयर ने आरोप लगाया था कि विरोध कर रहे धड़े के नेता को कांग्रेस का समर्थन है व कांग्रेस शहर की भलाई नहीं चाहती।

नियमित तौर पर दी जाए नौकरी
डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर, यूनियन ने इस समझौते को सिरे से नकारते हुए कहा कि अगर निगम को उनकी इतनी चिंता है तो फिर उन्हें नियमित नौकरी दी जाए। अगर ऐसा होता है तो उन्हें यह समझौता स्वीकार होगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो कचरा उठाने की व्यवस्था पहले जैसी चलाई जाए अन्यथा वह फिर से हड़ताल पर जा सकते हैं।
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लोहटिया, पप्पू कुमार, जनरल सेक्रेटरी, और सलाहकार दिलबाग टांक सहित ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा की चंडीगढ़ शहर में गारबेज कलेक्टर 35 सालों से घर-घर जाकर कूड़ा उठा रहे हैं। एक सेक्टर में तकरीबन 40 गारबेज कलेक्टर हैं और उस हिसाब से शहर भर में लगभग चार से पांच हजार गारबेज कलेक्टर काम कर रहे हैं। ये लोग कूड़ा जमा कर लोगों से पैसे लेते हैं जिनसे उनके घर का गुजारा चलता है। कई गारबेज कलेक्टरों का तो पूरा परिवार इस काम में शामिल है।

नगर निगम को तीन महीने की राहत
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नगर निगम को कचरा पृथक करने के लिए और तीन महीने का समय देकर बड़ी राहत दी है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने से पहले एनजीटी के ये आदेश नगर निगम को राहत पहुंचाने वाले हैं। नगर निगम को आगामी 30 जून तक पूरे शहर में शत प्रतिशत लागू कचरा पृथक करने की प्रक्रिया को लागू करना होगा।

दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा, नगर निगम कमिश्नर केके यादव और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने एनजीटी को बताया था कि शहर में 30 प्रतिशत कचरा पृथक होना शुरू हो चुका है व अन्य स्थानों पर कचरा अलग करने के लिए सफाई कर्मचारियों से करार भी हो चुका है। जानकारी के अनुसार एनजीटी ने चंडीगढ़ में वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी नीति बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

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