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अपनों के अंगों को जलाइए नहीं, उसे दूसरों की जिंदगी का माध्यम बनाइए : किरण खेर

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चंडीगढ़। मानव अंग अमूल्य हैं। अपने प्रिय के अंगों को जलाइए नहीं, उसे दान देकर किसी जरूरतमंद की जान बचाइए ताकि आपका प्रिय दुनिया से जाने के बाद भी दूसरे के शरीर में जीवित रहे। अंगदाता परिवार त्रासदी को आशा के अवसर में बदलकर मानवता के सार का उदाहरण देते हैं। ये बातें चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने शुक्रवार को पीजीआई रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग की ओर से किडनी और अग्न्याशय प्रत्यारोपण पर आयोजित गोल्डन एनिवर्सरी शिखर सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने कहा कि देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अंगदान के लिए सुविधाएं स्थापित करने की आवश्यकता है। वर्तमान में पांच प्रतिशत से भी कम मेडिकल कॉलेजों में केवल अंगदान या प्रत्यारोपण की सुविधा है। यह एक बड़ी चुनौती है, हमें अंगदान और प्रत्यारोपण को सक्षम करने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ-साथ अंग प्रत्यारोपण सर्जरी के क्षेत्र में अधिक प्रशिक्षित पेशेवरों को तैयार करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर अंगदाता परिवारों को सम्मानित करने के साथ ही अंग प्राप्त कर फिर से नई शुरूआत करने वाले मरीजों का भी उत्साहवर्धन किया।
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पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि जिनके बलिदान से आज यह कार्यक्रम मुकाम पा सका है, उन्हें सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं। पीजीआई ने 21 जून 1973 को अपना पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया और आज तक जीवित और मृत दोनों सहित 4882 रीनल ट्रांसप्लांट पूरे किए हैं। इससे कीमती जिंदगियां बचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में पीजीआई सिर्फ देश में ही नहीं विदेश की तुलना में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। कार्यक्रम में रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा ने संस्थान में दी जा रही ट्रांसप्लांट संबंधी सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) के प्रमुख डॉ. कृष्ण कुमार, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल, प्रो. संजय भडाडा, प्रो एच.एस.कोहली, प्रो दीपेश केंवर के साथ सभी फैकेल्टी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में ये रहा खास
इस अवसर पर हीरा सिंह दासपा (गुर्दे प्राप्तकर्ता), दीपक राय (हृदय प्राप्तकर्ता), निधीश नादान (एक साथ अग्न्याशय किडनी प्राप्तकर्ता), शालिनी (एक साथ अग्न्याशय किडनी प्राप्तकर्ता) और आशुतोष शर्मा (किडनी प्राप्तकर्ता) ने अपनी कहानी सुनाई। वहीं दानदाताओं अमनजोत कौर (20 वर्ष), मनप्रीत सिंह (30 वर्ष), अमनदीप सिंह (22 वर्ष) और बलिंदर सिंह (28 वर्ष) के बहादुर हृदय दाता परिवारों को सम्मानित किया गया।
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आज विशेषज्ञ करेंगे मंथन
सम्मेलन के अंतर्गत शनिवार और रविवार को देश-विदेश के विशेषज्ञ अंगदान और ट्रांसप्लांट से जुड़े अलग-अलग विषयों पर मंथन करेंगे, जिसमें मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय संकाय शामिल होंगे।
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