डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि आंकड़े दर्शाते हैं कि फरवरी से 20 अप्रैल के बीच महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में (4709 से 5695 तक) 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी दौरान महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा के मामले भी इतने ही प्रतिशत (3287 से 3993 तक) से बढ़े हैं।
दूसरी ओर, इसी दौरान दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म और छेड़खानी के मामलों में काफी कमी आई है। संभवत: इसका कारण यह है कि पुरुष और महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल रहें हैं और पुलिस की मौजूदगी में वृद्धि हुई है। तीन महीनों में 20 मार्च तक डायल 112 पर प्रतिदिन आने वाली कॉल्स की संख्या 133 रही। घरेलू हिंसा के मामले कुल 34 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। इस समय सीमा में कुल मामलों की दैनिक वृद्धि 30 प्रतिशत है।